डुमरांव में कांग्रेस-राजद के खिलाफ आक्रोश फूटा, पुतला दहन कर जताया विरोध
कांग्रेस और राजद के मंच से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय माताजी पर की गई अभद्र टिप्पणी ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। इस घटना को न केवल राजनीति का स्तर गिराने वाला बताया जा रहा है, बल्कि भारतीय संस्कृति और मातृशक्ति के सम्मान पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।

-- प्रधानमंत्री मोदी की माताजी पर अभद्र टिप्पणी से कार्यकर्ता उग्र, गूंजे गगनभेदी नारे
केटी न्यूज/डुमरांव
कांग्रेस और राजद के मंच से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वर्गीय माताजी पर की गई अभद्र टिप्पणी ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। इस घटना को न केवल राजनीति का स्तर गिराने वाला बताया जा रहा है, बल्कि भारतीय संस्कृति और मातृशक्ति के सम्मान पर सीधा प्रहार माना जा रहा है।
इसी मुद्दे को लेकर शुक्रवार को डुमरांव थाना पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस-राजद के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और पुतला दहन कर अपना आक्रोश प्रकट किया। इस दौरान सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे और माहौल गगनभेदी नारों से गूंज उठा मां का अपमान, नहीं सहेगा हिन्दुस्तान। महागठबंधन शर्म करो, बिहार छोड़कर भागो। बिहार की धरती पर नहीं चलेगा, मां का अपमान जैसे नारों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुतला दहन किया।
युवा भाजपा नेता दीपक यादव ने कहा कि पहले बिहार का अपमान और अब प्रधानमंत्री की माताजी पर अभद्र टिप्पणी यह कांग्रेस और राजद के मानसिक दिवालियेपन की पराकाष्ठा है। बिहार की जनता अब चुप नहीं बैठने वाली, आने वाले चुनाव में इसका कड़ा जवाब देगी। वहीं, भाजपा कार्यकर्ता अभिषेक रंजन ने कहा कि पुतला दहन इस बात का प्रतीक है कि बिहार की जनता महागठबंधन की घटिया और नकारात्मक राजनीति को पूरी तरह नकार चुकी है।
मुखिया कुशवाहा ने भी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-राजद गठबंधन को बिहार की धरती से हमेशा के लिए उखाड़ फेंकना है। सभा में भाजपा नेता शक्ति राय, धनंजय सिंह, युवा नेता संटू मित्रा, शुभम सिन्हा, राहुल सूर्यवंशी, शेर बहादुर उर्फ शेरू सिंह सहित कई नेताओं ने कांग्रेस-राजद के खिलाफ तीखे बयान दिए।
मौके पर शुभम सिंह, अजय राय, सांभा कुशवाहा, अंकुर कुमार, शुभम राय, पिकी पाठक, प्रमिला पांडे, गोपाल प्रसाद, अमित कुमार, शिवजी शर्मा, राजा यादव, कपिल मुनि उपाध्याय, रिंकू गुप्ता, श्रीकांत ओझा समेत बड़ी संख्या में युवा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।