छोटे गांव से बड़ी पहचान तक: डुमरांव के अजय राय बने जिले की उम्मीद, गणतंत्र दिवस पर मिलेगा ‘राहवीर’ सम्मान

डुमरांव प्रखंड के अरैला जैसे छोटे गांव से निकल कर अगर कोई नाम आज जिले भर में चर्चा का विषय बना है, तो वह हैं अजय राय। सीमित संसाधन, ग्रामीण चुनौतियां और उम्र की सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए अजय ने समाजसेवा के क्षेत्र में जो मिसाल पेश की है, उसी का नतीजा है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन उन्हें गुड समेरीटन “राहवीर” अवार्ड से सम्मानित करने जा रहा है।

छोटे गांव से बड़ी पहचान तक: डुमरांव के अजय राय बने जिले की उम्मीद, गणतंत्र दिवस पर मिलेगा ‘राहवीर’ सम्मान

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव प्रखंड के अरैला जैसे छोटे गांव से निकल कर अगर कोई नाम आज जिले भर में चर्चा का विषय बना है, तो वह हैं अजय राय। सीमित संसाधन, ग्रामीण चुनौतियां और उम्र की सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए अजय ने समाजसेवा के क्षेत्र में जो मिसाल पेश की है, उसी का नतीजा है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन उन्हें गुड समेरीटन “राहवीर” अवार्ड से सम्मानित करने जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा जारी पत्र में अजय राय के सामाजिक योगदान को रेखांकित करते हुए उनके चयन की पुष्टि की गई है। यह खबर सामने आते ही पूरे जिले में खुशी की लहर दौड़ पड़ी है।

अजय को यह सम्मान विशेष रूप से उनके जल संरक्षण अभियान और सड़क दुर्घटनाओं में घायल लोगों को तत्काल अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचाने के प्रयासों के लिए दिया जा रहा है।गौर करने वाली बात यह है कि यह अजय के लिए पहला सम्मान नहीं है।

पिछले वर्ष 26 जनवरी को भी भारत सरकार द्वारा उन्हें ‘जल योद्धा अवार्ड’ से सम्मानित किया गया था। कम उम्र में लगातार राष्ट्रीय और जिला स्तर पर पहचान बनाना उन्हें अन्य युवाओं से अलग करता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस उम्र में युवा खेल-कूद और मनोरंजन में व्यस्त रहते हैं, उसी उम्र में अजय समाजहित के कार्यों में जुटकर युवाओं के लिए आदर्श बन चुके हैं।

वे न केवल संवेदनशील हैं, बल्कि साहसी भी हैं—कठिन परिस्थितियों में पीछे हटने के बजाय डटकर सामना करते हैं।हाल के दिनों में अजय का नाम सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रकाशनों में छपने के साथ-साथ गूगल पर भी दर्ज हो चुका है, जो उनकी बढ़ती पहचान का संकेत है।

अपनी सफलता का श्रेय अजय ने अपने परिवार, गुरुजनों और मित्रों को दिया है। साथ ही नगर के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे और जिला प्रशासन की पूरी टीम के प्रति विशेष आभार व्यक्त किया है।अरैला से शुरू हुई यह यात्रा आज जिले की प्रेरणा बन चुकी है।