एक माह से बंद पेयजल आपूर्ति, जिम्मेदारी के फेर में पिस रहे कनकनरायनपुर के ग्रामीण
केटी न्यूज/चौसा।
नगर पंचायत चौसा के वार्ड संख्या 11 स्थित कनकनरायनपुर गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। करीब एक माह से खराब पड़ी पानी की मोटर के कारण ग्रामीणों को नियमित पेयजल आपूर्ति नहीं मिल रही है। खास बात यह है कि मोटर की खराबी के बाद उसे मरम्मत के लिए खोला भी गया, लेकिन अब तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। विभागीय जिम्मेदारी के हस्तांतरण को लेकर चल रही खींचतान के बीच ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, मोटर जलने के बाद से नल से पानी की आपूर्ति लगभग ठप है। गर्मी और उमस के बीच लोगों को घरेलू जरूरतों के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीण मिथिलेश प्रजापति, रामाशीष कुशवाहा, चंदन कुमार, गुड्डू कुमार व राधेश्याम सिंह ने बताया कि समस्या की जानकारी कई बार संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को दी गई, बावजूद इसके स्थायी समाधान नहीं हो पाया।
वार्ड पार्षद रंजू कुमारी ने बताया कि मोटर खराब होने की सूचना पीएचईडी और नगर पंचायत कार्यालय को दी गई थी। नगर पंचायत से कार्यादेश मिलने के बाद मोटर खोलकर मरम्मत के लिए भेजी गई, लेकिन अभी तक पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
पीएचईडी के कनीय अभियंता संतोष गुप्ता ने बताया कि नगर क्षेत्र में विभाग द्वारा स्थापित पेयजल आपूर्ति व्यवस्था की जिम्मेदारी जुलाई माह में नगर पंचायत को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा कि 10 जुलाई से पहले की वित्तीय देनदारियों का निपटारा पीएचईडी करेगा, जबकि इसके बाद की जिम्मेदारी नगर पंचायत की है।
इधर, नगर कार्यपालक पदाधिकारी रानी कुमारी ने कहा कि पेयजल व्यवस्था की जिम्मेदारी नगर पंचायत को दी गई है, लेकिन कई अन्य जिम्मेदारियां अभी पूरी तरह हस्तांतरित नहीं हुई हैं। इस कारण कुछ तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें आ रही हैं। उन्होंने जल्द समस्या का समाधान कराने का प्रयास किए जाने की बात कही।
