व्हीलचेयर ने अनीता को दी आजादी की राह, संबल योजना बनी सहारा

दिव्यांगता जीवन की राह में चुनौती जरूर खड़ी करती है, लेकिन उचित सहयोग और संसाधन मिल जाएं तो यही चुनौती आत्मनिर्भरता की राह में बदल सकती है। पुराना भोजपुर की रहने वाली अनीता कुमारी के जीवन में ‘संबल योजना’ के तहत मिली व्हीलचेयर ने ऐसा ही बदलाव लाया है।

व्हीलचेयर ने अनीता को दी आजादी की राह, संबल योजना बनी सहारा

__ दूसरों पर निर्भरता से आत्मनिर्भरता तक का सफर, अब बिना सहारे कर रहीं आवाजाही

केटी न्यूज/डुमरांव।

दिव्यांगता जीवन की राह में चुनौती जरूर खड़ी करती है, लेकिन उचित सहयोग और संसाधन मिल जाएं तो यही चुनौती आत्मनिर्भरता की राह में बदल सकती है। पुराना भोजपुर की रहने वाली अनीता कुमारी के जीवन में ‘संबल योजना’ के तहत मिली व्हीलचेयर ने ऐसा ही बदलाव लाया है। दोनों पैरों से दिव्यांग अनीता को पहले दैनिक जीवन के छोटे-बड़े कार्यों के लिए भी परिवार के सदस्यों और दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। आवागमन का साधन नहीं होने के कारण उनकी मुश्किलें और बढ़ जाती थीं।ऐसे में बुनियाद केंद्र डुमरांव के माध्यम से संबल योजना के तहत अनीता को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई गई।

व्हीलचेयर मिलने के बाद उनकी जिंदगी में नई उम्मीद और आत्मविश्वास का संचार हुआ है। अब वे बिना किसी के सहारे स्वयं अपनी आवाजाही कर पा रही हैं। रोजमर्रा के कामों के लिए दूसरों पर निर्भरता भी काफी कम हुई है।अनीता के लिए यह व्हीलचेयर महज एक सहायक उपकरण नहीं, बल्कि उनके लिए आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ाया गया महत्वपूर्ण कदम है। गतिशीलता की सुविधा मिलने से उनके आत्मविश्वास में भी इजाफा हुआ है। वह अब खुद को पहले की अपेक्षा अधिक सक्षम और स्वतंत्र महसूस करती हैं।

अनीता कुमारी ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि दिव्यांगता के कारण उन्हें चलने-फिरने में काफी परेशानी होती थी और छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी दूसरों पर आश्रित रहना पड़ता था। संबल योजना के तहत व्हीलचेयर मिलने के बाद उनकी जिंदगी काफी आसान हो गई है। उन्होंने इसके लिए जिला प्रशासन बक्सर और बुनियाद केंद्र डुमरांव के प्रति आभार जताया।संबल योजना के माध्यम से दिव्यांगजनों को उपलब्ध कराई जा रही सहायता उनके जीवन में सुविधा के साथ-साथ सम्मान और आत्मनिर्भरता का भाव भी मजबूत कर रही है। अनीता की कहानी इस बात की मिसाल है कि सही समय पर मिली छोटी-सी सहायता भी किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती है।