समाहरणालय व वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 12 मामलों की सुनवाई, अधिकारियों को दिए गए आवश्यक निर्देश
जिले में लोक शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निवारण को लेकर जिलाधिकारी साहिला के द्वारा लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दायर द्वितीय अपीलों की सुनवाई की गई। यह सुनवाई समाहरणालय परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें कुल 12 मामलों पर विस्तार से विचार किया गया।
केटी न्यूज/बक्सर
जिले में लोक शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निवारण को लेकर जिलाधिकारी साहिला के द्वारा लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के अंतर्गत दायर द्वितीय अपीलों की सुनवाई की गई। यह सुनवाई समाहरणालय परिसर स्थित जिलाधिकारी कार्यालय कक्ष एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें कुल 12 मामलों पर विस्तार से विचार किया गया।सुनवाई के दौरान 12 लोक शिकायत निवारण से संबंधित मामलों को रखा गया, जिनमें से तीन मामलों का जिलाधिकारी द्वारा मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया। शेष मामलों में संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि लोक शिकायतों का समयबद्ध निपटारा प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।सुनवाई के क्रम में विभिन्न विभागों से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। बिजली आपूर्ति, कृषि, नगर परिषद, भूमि संबंधी विवाद, प्रखंड स्तरीय समस्याएं तथा थाना क्षेत्र से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से शामिल रहीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले में तथ्यों की गहन समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से अद्यतन स्थिति की जानकारी ली और जहां आवश्यक पाया गया, वहां ठोस कार्यवाही के निर्देश दिए।इस अवसर पर स्थापना उप समाहर्ता बक्सर, जिला कृषि पदाधिकारी बक्सर, विद्युत विभाग के सहायक अभियंता सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

वहीं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नगर परिषद बक्सर के कार्यपालक पदाधिकारी, सिमरी प्रखंड के प्रखंड विकास पदाधिकारी, इटाढ़ी अंचलाधिकारी तथा सिमरी थाना अध्यक्ष ने भी भाग लिया।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि लोक शिकायतों के निष्पादन में पारदर्शिता, संवेदनशीलता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि आम जनता की समस्याओं का समाधान ही सुशासन की पहचान है और इसमें किसी प्रकार की ढिलाई प्रशासन की छवि को नुकसान पहुंचा सकती है।सुनवाई के बाद संबंधित शिकायतकर्ताओं में संतोष का भाव देखा गया। जिला प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि शेष मामलों का भी शीघ्र समाधान कर आम जनता को राहत प्रदान की जाएगी।

