-- वार्ड 22 के दुसाध टोली में टंकी भरने से बढ़ी परेशानी, शिकायत के बाद भी नप की कार्रवाई नदारद, बस्ती में भारी आक्रोश, जल्द समाधान नहीं हुआ तो होगा विरोध-प्रदर्शन
केटी न्यूज, डुमरांव।
शहर को खुले में शौच मुक्त बनाने के उद्देश्य से नगर पंचायत द्वारा करोड़ों की लागत से बनाए गए 19 सार्वजनिक शौचालय अब उपेक्षा और लापरवाही का शिकार हो रहे हैं। इनमें से लगभग एक दर्जन शौचालय तो आज भी उपयोग में हैं, लेकिन इनमें भी सफाई और रखरखाव की स्थिति अत्यंत खराब है। वहीं, करीब आधा दर्जन शौचालय ऐसे स्थानों पर बनाए गए हैं जहां लोग सुविधा का उपयोग ही नहीं करते। परिणामस्वरूप, आम लोगों को फिर से खुले में शौच करने जैसी मजबूरियों का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे गंभीर हालत वार्ड 22 के दुसाध टोली स्थित सार्वजनिक शौचालय की है, जिसकी सेप्टिक टंकी कई दिनों से पूरी तरह भर चुकी है। बदबू और गंदगी के कारण आसपास का माहौल दूषित हो चुका है। महिलाओं और बच्चों के लिए स्थिति और भी दयनीय है। सुरक्षित और स्वच्छ सुविधा के अभाव में उन्हें खुले स्थानों का सहारा लेना पड़ रहा है।
-- लोगों की बढ़ी परेशानी, शिकायत पर भी नहीं हुई कार्रवाई
दुसाध टोली में रहने वाले भाजपा नेता विनोद पासवान ने इस समस्या को लेकर नगर पंचायत अधिकारियों से औपचारिक शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि बस्ती में पिछले कई दिनों से शौचालय की टंकी भर जाने से स्थिति बदतर होती जा रही है। रास्ते में गंदगी, कीचड़ और बदबू ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है।
शिकायतकर्ता पासवान का कहना है कि यदि 24 घंटे के भीतर टंकी की सफाई नहीं कराई गई तो वे डीएम और एसडीओ को पत्र लिखकर विरोध-प्रदर्शन शुरू करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि इस अव्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी नगर पंचायत की होगी। स्थानीय लोग भी इस मुद्दे पर आक्रोशित हैं और नप पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं।बस्ती के निवासियों का कहना है कि शौचालय के आसपास कीचड़ और गंदगी का अंबार लगा रहता है। सड़कें महीनों से खराब पड़ी हैं, जिससे महिलाओं और बच्चों का निकलना तक मुश्किल हो गया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े इस गंभीर मामले पर नगर प्रशासन की उदासीनता लोगों में असंतोष पैदा कर रही है।
-- सड़क निर्माण अटका, वार्ड पार्षद ने बताई वजह
वार्ड 22 के पार्षद अमर पासवान ने बताया कि बस्ती में सड़क निर्माण के लिए उन्होंने लंबे समय पहले नगर पंचायत को प्रस्ताव भेजा था। चयन भी हो चुका था, लेकिन चुनाव आचार संहिता लागू होने के कारण काम अधर में लटक गया। अब चुनाव समाप्त हो चुके हैं और पासवान ने आश्वासन दिया कि वे जल्द ही सड़क निर्माण कार्य को पुनः शुरू कराने की दिशा में पहल करेंगे।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सड़क बन जाती, तो बरसात और नालियों की गंदगी से होने वाली समस्याओं में काफी कमी आती। लेकिन निर्माण कार्य की देरी ने इस क्षेत्र को नारकीय स्थिति में पहुंचा दिया है।
-- नप स्वच्छता पदाधिकारी का दावा, जल्द होगा समाधान
इस मुद्दे पर जब नगर पंचायत स्वच्छता पदाधिकारी से बात की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि दुसाध टोली के सार्वजनिक शौचालय की टंकी भरने की शिकायत उन्हें प्राप्त हो चुकी है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द टंकी की सफाई कराई जाएगी। साथ ही, शहर के अन्य सार्वजनिक शौचालयों की भी जांच करके जहां भी समस्या होगी, उसका समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।हालांकि, क्षेत्र के लोगों का कहना है कि नप अधिकारियों के ष्जल्द कार्रवाई के दावे कई बार किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति जस की तस बनी रहती है।
-- लोगों की उम्मीद, केवल घोषणा नहीं, हो ठोस कार्रवाई
शहरवासियों का कहना है कि स्वच्छता जैसे संवेदनशील मुद्दे पर नगर प्रशासन को गंभीरता से कदम उठाने चाहिए। एक तरफ सरकार स्वच्छ भारत मिशन को सफल बनाने में जुटी है, वहीं दूसरी तरफ मूलभूत सुविधाओं के रखरखाव में लापरवाही पूरे अभियान की छवि धूमिल करती है।वार्ड 22 की समस्या ने शहर में सार्वजनिक शौचालयों की वास्तविक स्थिति को उजागर कर दिया है। अब देखना यह है कि नगर पंचायत इस दिशा में कितनी तेजी से काम करती है और लोगों की परेशानी कब तक कम होती है।





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