फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर होली तक के लिये प्रखंड परिसार में बना बूथ

होली को लेकर डोर टू डोर फलेरिया उन्मूलन अभियान को रोक दिया गया है। अब केवल बूथ लेवल पर ही जैसे स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ही दवा खिलाने का अभियान जारी रहेगा। मालूम हो कि इस अभियान के तहत दिनांक 10 से 24 तक डोर टू डोर दवा खिलाने का कार्यक्रम चलाया गया था। फिर होली पर्व को लेकर उसे स्थगित कर बूथ लेवल पर चलाने का कार्यक्रम रखा गया है। इसके लिये डुमरांव प्रखंड कार्यालय में गुरूवार को बूथ बनाया गया, जिसका उद्घाटन संयुक्त रूप से एसडीओ राकेश कुमार, बीडीओ संदीप कुमार पांडेय और पीएचसी प्रभारी डा आरबी प्रसाद ने किया। फिर एसडीओ ने कहा कि वर्तमान में फलेरिया का दवा डोर टू डोर होली को लेकर स्थगित किया गया है। बूथ लेवल पर ही दवा पिलाने का कार्यक्रम चलता रहेगा।

फाइलेरिया उन्मूलन अभियान को लेकर होली तक के लिये प्रखंड परिसार में बना बूथ

-- एसडीओ ने बूथ का उद्घाटन कर बच्चों को दवा खिलाकर किया शुभारंभ

-- डोर टू डोर चले रहे फलेरिया उन्मूलन अभियान को होली तक किया गया स्थगित

 केटी न्यूज/डुमरांव।  

होली को लेकर डोर टू डोर फलेरिया उन्मूलन अभियान को रोक दिया गया है। अब केवल बूथ लेवल पर ही जैसे स्कूल और आंगनबाड़ी केन्द्रों पर ही दवा खिलाने का अभियान जारी रहेगा। मालूम हो कि इस अभियान के तहत दिनांक 10 से 24 तक डोर टू डोर दवा खिलाने का कार्यक्रम चलाया गया था। फिर होली पर्व को लेकर उसे स्थगित कर बूथ लेवल पर चलाने का कार्यक्रम रखा गया है। इसके लिये डुमरांव प्रखंड कार्यालय में गुरूवार को बूथ बनाया गया, जिसका उद्घाटन संयुक्त रूप से एसडीओ राकेश कुमार, बीडीओ संदीप कुमार पांडेय और पीएचसी प्रभारी डा आरबी प्रसाद ने किया। फिर एसडीओ ने कहा कि वर्तमान में फलेरिया का दवा डोर टू डोर होली को लेकर स्थगित किया गया है। बूथ लेवल पर ही दवा पिलाने का कार्यक्रम चलता रहेगा।

 वहीं पीएचसी प्रभारी ने बताया की दवा खिलाने का कार्यक्रम उम्र के हिसात से किया जाएगा, जिसके लिये कर्मियों को पहले ही प्रशिक्षित कर दिया गया है। उन्होंने बताया की दो साल से छह साल के बच्चों को फलेरिया की दवा एल्बेंडजोल की एक गोली खिलानी है। वहीं छह वर्ष से उपर के बच्चे जो 14 साल के हो गए हैं, उन्हें दो गोली खिलाने हैं। फिर उन्होंने बताया की 14 साल से उपर वाले को 3 गोली खिलाना है। बूथ लेवल पर 25 से 27 तक दवा पिलाने का कार्यक्रम चलेगा। उन्होंने बताया की गर्भवती महिलाओं, दो साल के नीचे के बच्चों और गंभीर रूप से बीमार को दवा नहीं खिलाना है। दवा पिलाने के कार्यक्रम में देखा गया की दवा खाने के प्रति लोगों में काफी उत्सुकता रही।