पंचायत भवन से बदली सोच: डाक चौपाल बना बेटियों के सपनों और सुरक्षित भविष्य का मंच

ग्रामीण इलाकों में अक्सर वित्तीय जानकारी के अभाव में लोग सुरक्षित निवेश से दूर रह जाते हैं, लेकिन शुक्रवार को बड़का सिंहनपुरा पंचायत भवन में आयोजित डाक चौपाल ने इस सोच को बदलने का काम किया। डुमरी डाकघर के अंतर्गत आयोजित इस विशेष चौपाल ने न सिर्फ डाक विभाग की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया, बल्कि बेटियों के भविष्य को लेकर जागरूकता की एक नई लहर भी पैदा की।

पंचायत भवन से बदली सोच: डाक चौपाल बना बेटियों के सपनों और सुरक्षित भविष्य का मंच

-- ग्रामीणों ने जाना निवेश का आसान रास्ता, सुकन्या योजना और डाक बीमा को मिला व्यापक समर्थन

केटी न्यूज/सिमरी

ग्रामीण इलाकों में अक्सर वित्तीय जानकारी के अभाव में लोग सुरक्षित निवेश से दूर रह जाते हैं, लेकिन शुक्रवार को बड़का सिंहनपुरा पंचायत भवन में आयोजित डाक चौपाल ने इस सोच को बदलने का काम किया। डुमरी डाकघर के अंतर्गत आयोजित इस विशेष चौपाल ने न सिर्फ डाक विभाग की योजनाओं को लोगों तक पहुंचाया, बल्कि बेटियों के भविष्य को लेकर जागरूकता की एक नई लहर भी पैदा की।डाक अधीक्षक सरिता कुमारी के निर्देश पर आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता पंचायत मुखिया वीरेंद्र पाठक ने की। चौपाल का माहौल किसी औपचारिक सरकारी कार्यक्रम जैसा नहीं, बल्कि संवाद और समाधान केंद्रित रहा, जहां ग्रामीणों ने खुलकर सवाल पूछे और योजनाओं की बारीकियां समझीं।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डाक निरीक्षक मनीष कुमार ने अपने संबोधन में बेटियों के भविष्य को केंद्र में रखते हुए सुकन्या समृद्धि योजना की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह योजना छोटी-छोटी बचत को बड़े सपनों में बदलने का माध्यम है। मात्र 250 रुपये से खाता खोलकर अभिभावक अपनी बेटी की शिक्षा और विवाह जैसी जरूरतों के लिए मजबूत आर्थिक आधार तैयार कर सकते हैं। आकर्षक ब्याज दर और कर लाभ के कारण यह योजना ग्रामीण परिवारों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है।डाक निरीक्षक ने डाक जीवन बीमा को भी ग्रामीण सुरक्षा कवच बताया।

उन्होंने कहा कि यह बीमा योजना मजदूर, किसान और मध्यम वर्ग के साथ-साथ उच्च आय वर्ग के लोगों के लिए भी समान रूप से उपयोगी है।कम प्रीमियम, अधिक कवरेज और सरकारी गारंटी के कारण ग्रामीणों में इस योजना को लेकर खासा भरोसा देखने को मिला।चौपाल के दौरान सेवा का व्यावहारिक रूप भी देखने को मिला। शून्य से पांच वर्ष तक के दर्जनों बच्चों के आधार कार्ड मौके पर ही बनाए गए। वहीं, सैकड़ों ग्रामीणों ने विभिन्न डाक योजनाओं में ऑन-स्पॉट खाते खुलवाए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि सही जानकारी और सुविधा मिलने पर ग्रामीण निवेश के लिए आगे आने को तैयार हैं।

मुखिया वीरेंद्र पाठक ने कहा कि डाक विभाग की योजनाएं केवल बचत और बीमा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि सरकारी पेंशन, अनुदान और सामाजिक सुरक्षा की कई राशियां भी इन्हीं खातों के माध्यम से सीधे लाभार्थियों तक पहुंचती हैं।कार्यक्रम के अंत में पोस्टमास्टर पंकज कुमार ओझा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर ओवरसीयर कमलेश यादव, विकास यादव, सनी कुमार, प्रशांत कुमार, ज्योति कुमार, संजय गोंड सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।यह डाक चौपाल साबित हुआ कि जब जानकारी, विश्वास और सुविधा एक मंच पर मिलते हैं, तो ग्रामीण भारत में वित्तीय सशक्तिकरण की मजबूत नींव रखी जा सकती है।