उपेक्षित बस्तियों में शिक्षा की अलख, ढाई सौ से अधिक केंद्रों से जुड़ रहे बच्चे

शिक्षा से वंचित बच्चों तक ज्ञान की रोशनी पहुंचाने के उद्देश्य से विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में संचालित सरस्वती संस्कार केंद्र दक्षिण बिहार के विभिन्न शहरी और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं उपेक्षित वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ संस्कार आधारित मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

उपेक्षित बस्तियों में शिक्षा की अलख, ढाई सौ से अधिक केंद्रों से जुड़ रहे बच्चे

केटी न्यूज/बक्सर

शिक्षा से वंचित बच्चों तक ज्ञान की रोशनी पहुंचाने के उद्देश्य से विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान के तत्वावधान में संचालित सरस्वती संस्कार केंद्र दक्षिण बिहार के विभिन्न शहरी और ग्रामीण इलाकों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर एवं उपेक्षित वर्ग के बच्चों को निशुल्क शिक्षा के साथ संस्कार आधारित मार्गदर्शन दिया जा रहा है।भारती शिक्षा समिति बिहार के प्रदेश सचिव प्रदीप कुमार कुशवाहा ने बताया कि दक्षिण बिहार में ढाई सौ से अधिक स्थानों पर ये केंद्र नियमित रूप से संचालित हो रहे हैं।

उनका उद्देश्य ऐसे बच्चों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ना है, जो किसी कारणवश औपचारिक विद्यालयी शिक्षा से दूर रह जाते हैं।संस्कार केंद्रों में पढ़ाई के साथ-साथ नैतिक शिक्षा, देशभक्ति, स्वच्छता, अनुशासन, योगाभ्यास, प्रार्थना और संस्कार गीतों के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है। यहां शिक्षण पद्धति को सरल और रोचक बनाया गया है, ताकि बच्चे सहज वातावरण में सीख सकें। सेवा भाव से जुड़े प्रशिक्षित शिक्षक निस्वार्थ भाव से बच्चों को मार्गदर्शन दे रहे हैं।

प्रदेश सचिव ने कहा कि संस्था का लक्ष्य केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि सुसंस्कृत, चरित्रवान और राष्ट्रहित के प्रति जागरूक नागरिक तैयार करना भी है। उन्होंने बताया कि स्थानीय समाज और अभिभावकों का सहयोग मिलने से इन केंद्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है।समाज के सभी वर्गों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों को इन केंद्रों से जोड़ा जाए, ताकि शिक्षा के साथ संस्कारों से समृद्ध एक सशक्त पीढ़ी का निर्माण हो सके।