डुमरांव में ठोस कचरा प्रबंधन की नई शुरुआत, ट्रोमेल मशीन से स्वच्छ शहर की ओर बड़ा कदम
डुमरांव नगर परिषद ने शहर की वर्षों पुरानी कूड़ा प्रबंधन की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नया भोजपुर स्थित नवरत्न गढ़ किले के समीप आधुनिक ट्रोमेल मशीन का संचालन शुरू कर दिया है। इस तकनीक के जरिए अब प्रतिदिन लगभग 10 टन ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। नगर परिषद का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल शहर की सफाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक रिसाइकिलिंग को भी नई गति मिलेगी।
रोजाना 10 टन कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की शुरुआत, 35 वार्डों की सफाई व्यवस्था होगी अधिक प्रभावी, प्लास्टिक रिसाइकिलिंग से पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बल
केटी न्यूज/डुमरांव
डुमरांव नगर परिषद ने शहर की वर्षों पुरानी कूड़ा प्रबंधन की समस्या के समाधान की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए नया भोजपुर स्थित नवरत्न गढ़ किले के समीप आधुनिक ट्रोमेल मशीन का संचालन शुरू कर दिया है। इस तकनीक के जरिए अब प्रतिदिन लगभग 10 टन ठोस कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण किया जाएगा। नगर परिषद का मानना है कि इस व्यवस्था से न केवल शहर की सफाई व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्लास्टिक रिसाइकिलिंग को भी नई गति मिलेगी।

नगर परिषद क्षेत्र के सभी 35 वार्डों से एकत्र होने वाले कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए स्थापित इस मशीन की क्षमता प्रतिदिन 300 टन तक कचरे के प्रसंस्करण की बताई जा रही है। फिलहाल इसकी शुरुआत 10 टन प्रतिदिन के लक्ष्य के साथ की गई है। ट्रोमेल मशीन कचरे को अलग-अलग श्रेणियों में विभाजित कर प्लास्टिक, धूल और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को वैज्ञानिक तरीके से अलग करती है। इससे पुनर्चक्रण योग्य प्लास्टिक को रिसाइकिलिंग के लिए भेजना आसान होगा, जबकि अन्य अपशिष्ट का सुरक्षित निस्तारण किया जा सकेगा।

डुमरांव शहर में लंबे समय से कूड़े के ढेर, दुर्गंध और ठोस कचरा प्रबंधन की कमी लोगों के लिए परेशानी का कारण बने हुए थे। जगह-जगह जमा कचरे से न केवल स्वच्छता प्रभावित होती थी, बल्कि स्वास्थ्य संबंधी जोखिम भी बढ़ जाते थे। नई तकनीक के संचालन से अब नियमित और व्यवस्थित कचरा निस्तारण संभव होने की उम्मीद है, जिससे शहर की साफ-सफाई में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल सकता है।

नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी राहुल धर दुबे ने बताया कि लगभग 25 दिन पहले इस मशीन की स्थापना की गई थी और अब इसे नियमित रूप से संचालित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मशीन प्लास्टिक को अलग कर रिसाइकिलिंग के लिए तैयार करती है, जबकि धूल एवं अन्य अवांछित तत्वों को भी अलग कर पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखने में मदद करती है। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से कचरा प्रबंधन अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनेगा।

गौरतलब है कि नगर परिषद सफाई व्यवस्था पर प्रतिमाह करीब 90 लाख रुपये से अधिक खर्च करती है। इसके बावजूद अब तक ठोस कचरा प्रबंधन की समुचित व्यवस्था नहीं होने से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहे थे। ट्रोमेल मशीन के संचालन से अब संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा और सफाई व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।स्थानीय लोगों ने भी नगर परिषद की इस पहल का स्वागत किया है। नागरिकों का कहना है कि यदि मशीन का संचालन नियमित रूप से होता रहा

और इसकी प्रभावी निगरानी की गई, तो शहर को कूड़े के ढेरों से काफी हद तक मुक्ति मिलेगी। साथ ही स्वच्छ वातावरण, बेहतर जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी यह पहल मील का पत्थर साबित हो सकती है। नगर परिषद को उम्मीद है कि यह कदम डुमरांव को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में नई पहचान दिलाएगा।
