राजपुर पंचायत समिति बैठक में जनसमस्याओं का उठा सैलाब, अफसरों की गैरहाजिरी पर सख्त रुख
राजपुर प्रखंड कार्यालय कक्ष में मंगलवार को आयोजित पंचायत समिति की बैठक जनसमस्याओं और प्रशासनिक लापरवाहियों के मुद्दों पर केंद्रित रही। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख मंजू देवी ने की, जबकि संचालन बीडीओ सिद्धार्थ कुमार एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अभिषेक पाठक ने संयुक्त रूप से किया। बैठक शुरू होते ही पंचायतों में संचालित योजनाओं की प्रगति, उनकी गुणवत्ता और नई योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गहन चर्चा हुई।
-- जनता दरबार से लेकर पशु अस्पताल, स्वच्छता और मनरेगा तक, योजनाओं की धीमी रफ्तार बनी चिंता का विषय
केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर प्रखंड कार्यालय कक्ष में मंगलवार को आयोजित पंचायत समिति की बैठक जनसमस्याओं और प्रशासनिक लापरवाहियों के मुद्दों पर केंद्रित रही। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख मंजू देवी ने की, जबकि संचालन बीडीओ सिद्धार्थ कुमार एवं प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी अभिषेक पाठक ने संयुक्त रूप से किया। बैठक शुरू होते ही पंचायतों में संचालित योजनाओं की प्रगति, उनकी गुणवत्ता और नई योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर गहन चर्चा हुई।बीडीओ सिद्धार्थ कुमार ने जानकारी दी कि सरकार के निर्देशानुसार आगामी 16 फरवरी से सभी पंचायतों में नियमित रूप से जनता दरबार का आयोजन किया जाएगा।

इसमें पंचायत एवं प्रखंड स्तर के संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहेंगे, ताकि आम लोगों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके।बैठक में मुखिया अनिल सिंह ने प्रखंड मुख्यालय से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं की कमी को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि कई वर्षों से राजपुर में पशु अस्पताल नहीं है, जिससे पशुपालकों को काफी परेशानी होती है। साथ ही राजपुर बाजार में सामुदायिक शौचालय एवं पेयजल के लिए पानी टंकी की स्थापना की मांग रखी। उन्होंने महादलित बस्ती की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि सालोंभर जलजमाव रहने से लोगों का आवागमन बाधित होता है और खेल मैदान के अभाव में युवाओं की प्रतिभा प्रभावित हो रही है।

राजस्व जमाबंदी सुधार के लिए चलाए गए महा अभियान पर भी सवाल उठे। सदस्यों ने कहा कि आवेदन लेने के बाद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बारूपुर पंचायत के बीडीसी अलीशेर शाह ने आवास योजना में जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सही तरीके से सर्वे नहीं हो रहा है। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग में पदाधिकारी की कमी, योजनाओं के संचालन में अनियमितता और स्वच्छता कर्मियों की लापरवाही को गंभीर मुद्दा बताया।

