डीएम की अध्यक्षता में संपन्न हुई कल्याण विभागों की समीक्षा बैठक
जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग तथा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न चल रही योजनाओं की प्रगति, लाभुकों को मिलने वाली सुविधाओं तथा निर्माणाधीन संरचनाओं की स्थिति पर विशेष चर्चा की गई।
-- अम्बेडकर समग्र सेवा अभियान में 92.27 प्रतिशत आवेदनों का निष्पादन, आवासीय विद्यालय एवं छात्रावासों में नामांकन प्रक्रिया की भी हुई समीक्षा
केटी न्यूज/बक्सर।
जिलाधिकारी डॉ. विद्यानंद सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को अनुसूचित जाति/जनजाति कल्याण विभाग तथा पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न चल रही योजनाओं की प्रगति, लाभुकों को मिलने वाली सुविधाओं तथा निर्माणाधीन संरचनाओं की स्थिति पर विशेष चर्चा की गई।

सबसे पहले बैठक में डॉ. भीमराव अम्बेडकर समग्र सेवा अभियान के तहत आयोजित विशेष विकास शिविरों की समीक्षा की गई। इस दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि अभियान के तहत जिले में कुल 45,525 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 42,004 आवेदनों का निष्पादन कर लिया गया है। निष्पादन प्रतिशत 92.27 दर्ज किया गया, जिसे डीएम ने संतोषप्रद बताते हुए शेष मामलों को भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने का निर्देश दिया।
इसी क्रम में डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय, रामपुर (केसठ) में छात्रों के नामांकन की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। जिला कल्याण पदाधिकारी ने बताया कि विभागीय निर्देशानुसार नामांकन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन की जाती है। वर्ग 1 से 5 तक के लिए ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली लागू है, जबकि वर्ग 6 से 9 तक के लिए लिखित परीक्षा ली जाती है। परीक्षा परिणाम विभाग द्वारा जारी किए जाने के बाद ही नामांकन की प्रक्रिया पूर्ण होती है। डीएम ने नामांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता और समय-सीमा के अनुपालन पर बल दिया।
इसके बाद डॉ. अम्बेडकर कल्याण छात्रावास में नामांकन की समीक्षा की गई। पदाधिकारी ने जानकारी दी कि छात्र-छात्राएं विभागीय वेबसाइट पर हर माह 1 से 10 तारीख के बीच ऑनलाइन फॉर्म भरते हैं। सीट रिक्त होने पर उपविकास आयुक्त की अध्यक्षता में छात्रावास नामांकन समिति की बैठक आयोजित कर ही नामांकन की औपचारिकताएं पूरी की जाती हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि छात्रावासों में सीटों के अनुसार छात्रों को अवसर मिले और किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाए।
बैठक के दौरान जिले में संचालित कल्याण संस्थानों की वर्तमान स्थिति की भी समीक्षा की गई। विदित हो कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के तहत डॉ. भीमराव अम्बेडकर आवासीय विद्यालय रामपुर, केसठ संचालित है। जबकि डॉ. अम्बेडकर कल्याण छात्रावास लख नंबर 11, बक्सर में 200 छात्रों की क्षमता वाला छात्रावास चल रहा है। इसी प्रकार कोईरपुरवा, बक्सर स्थित डॉ. अम्बेडकर बालिका छात्रावास 50 छात्राओं की क्षमता के साथ कार्यरत है।
पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा ओबीसी आवासीय विद्यालय महदह और 100 सीटों वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास, बक्सर संचालित किए जा रहे हैं। बैठक के दौरान इन संस्थानों की स्थिति, सुधार व आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर भी चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने जिले में निर्माणाधीन संरचनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। अदफा स्थित ओबीसी प्लस टू उच्च विद्यालय में निर्माण कार्य में विलंब पाए जाने पर भवन निर्माण विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए। वहीं महदह स्थित अनुसूचित जाति आवासीय विद्यालय के भवन को जल्द पूर्ण कर विभाग को हस्तांतरण हेतु भवन निर्माण निगम लिमिटेड को निर्देशित किया गया।
समीक्षा के दौरान डीएम ने सभी अनुमंडल और प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को समय-सीमा का पालन करने, योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा लाभुकों को किसी भी प्रकार की समस्या न होने देने की सख्त हिदायत दी। साथ ही उन्होंने अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत देय मुआवजा राशि को समय पर उपलब्ध कराने की अनिवार्यता पर भी जोर दिया।
बैठक में जिला कल्याण पदाधिकारी, अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी डुमरांव, पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी बक्सर व डुमरांव, भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता सहित सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया गया और विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
