खलवा ईनार-डुमरांव राजवाहा संपर्क पथ के किनारे पलटी बालू लदी ट्रक, बाल-बाले बचे चालक व खलासी

डुमरांव के स्टेशन रोड का मरम्मत कार्य पिछले छह महीने से जारी है। इस दौरान रोक के बावजूद डुमरांव राजवाहा मार्ग से ट्रक तथा अन्य भारी वाहनों का परिचालन हो रहा है। सोमवार की देर शाम खलवा ईनार से डुमरांव राजवाहा के संपर्क पथ पर बालू लदी एक ट्रक पलट गई। हालांकि, इस हादसे में ट्रक चालक तथा खलासी बाल-बाल बच गए। बावजूद इस हादसे ने राजवाहा मार्गों पर भारी वाहनों के अवैध परिचालन की पोल खोलकर रख दी है।

खलवा ईनार-डुमरांव राजवाहा संपर्क पथ के किनारे पलटी बालू लदी ट्रक, बाल-बाले बचे चालक व खलासी

-- रोक के बावजूद नहर मार्गो से नहीं थम रहा है भारी वाहनों का परिचालन, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव के स्टेशन रोड का मरम्मत कार्य पिछले छह महीने से जारी है। इस दौरान रोक के बावजूद डुमरांव राजवाहा मार्ग से ट्रक तथा अन्य भारी वाहनों का परिचालन हो रहा है। सोमवार की देर शाम खलवा ईनार से डुमरांव राजवाहा के संपर्क पथ पर बालू लदी एक ट्रक पलट गई। हालांकि, इस हादसे में ट्रक चालक तथा खलासी बाल-बाल बच गए। बावजूद इस हादसे ने राजवाहा मार्गों पर भारी वाहनों के अवैध परिचालन की पोल खोलकर रख दी है। बता दें कि डुमरांव के मुख्य पथ स्टेशन रोड का मरम्मत कार्य पिछले छह महीने से जारी है। मरम्मत को देखते हुए स्टेशन रोड में भारी वाहनों का परिचालन पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। जिस कारण इस पथ से ट्रकों का परिचालन बंद है। प्रशासन द्वारा इस लिहाज से रूट भी डायवर्ट किया गया है, बावजूद ट्रक चालकों को डायवर्ट रूट से जाने में लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इस दूरी से बचने के लिए ट्रक चालक खलवा ईनार से राजवाहा मार्ग पकड़ ढकाईच निकल जा रहे है। 

-- जर्जर है राजवाहा मार्ग, कई पुलिया है क्षतिग्रस्त

बता दें कि डुमरांव राजवाहा मार्ग पहले से ही क्षतिग्रस्त है तथा इस पथ पर अनुमंडलय कार्यालय के समीप स्थित पुलिया पूरी तरह से जर्जर हो गई है। इस पुलिया से भारी वाहनांे के गुजरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। वहीं, भारी वाहनों के परिचालन से सड़क तेजी से चौपट हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डुमरांव के शहरी क्षेत्र में पथ मरम्मत के नाम पर नहर मार्गाें से भारी वाहनों के परिचालन पर प्रशासनिक चुप्पी से ग्रामीण क्षेत्रों की कई सड़के टूट रही है। ग्रामीणों ने इस अवैध परिचालन पर रोक लगाने की मांग अनुमंडल प्रशासन व परिवहन विभाग से की है।