निर्माणाधीन आरओबी धंसने पर प्रशासन सख्त, संवेदक पर एफआईआर दर्ज
बक्सर-इटाढ़ी मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के पहुंच पथ में धंसाव की घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता और रेलवे अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया तथा तकनीकी जांच से लेकर जवाबदेही तय करने तक की कार्रवाई शुरू कर दी है।


__ तकनीकी जांच के आदेश, वैकल्पिक यातायात व्यवस्था शुरू
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर-इटाढ़ी मार्ग पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के पहुंच पथ में धंसाव की घटना सामने आने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता और रेलवे अधिकारियों के साथ स्थल का निरीक्षण किया तथा तकनीकी जांच से लेकर जवाबदेही तय करने तक की कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम लोगों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।घटना के बाद जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुल से जुड़े सभी तकनीकी पहलुओं की गहन जांच कराई जाए और जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

साथ ही एहतियात के तौर पर निर्माणाधीन आरओबी पर सभी प्रकार की यातायात गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना से बचा जा सके।इस बीच सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों में पुल के उद्घाटन को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट की है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड के कार्यपालक अभियंता ने साफ कहा है कि संबंधित आरओबी का अभी उद्घाटन नहीं हुआ है और यह पूरी तरह निर्माणाधीन अवस्था में है। ऐसे में उद्घाटन के बाद पुल धंसने जैसी बातें तथ्यात्मक रूप से गलत हैं।मामले में संवेदक (ठेकेदार) की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार निर्माण कार्य में बरती गई कथित लापरवाही को गंभीर मानते हुए संबंधित संवेदक के खिलाफ स्थानीय थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

इससे स्पष्ट संकेत मिला है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता और मानकों से किसी भी तरह की चूक को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।धंसाव की घटना के कारण प्रभावित हुए आवागमन को सुचारु बनाए रखने के लिए भी जिला प्रशासन ने त्वरित कदम उठाए हैं। जिलाधिकारी ने अनुमंडल पदाधिकारी को निर्देश दिया है कि आम लोगों को परेशानी न हो, इसके लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था कर यातायात संचालन जल्द से जल्द सामान्य कराया जाए। प्रशासनिक स्तर पर वैकल्पिक रूटों की निगरानी भी शुरू कर दी गई है, ताकि लोगों को आवागमन में कम से कम दिक्कत हो।

घटना ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि जिला प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की तकनीकी जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट आने के बाद जिम्मेदार व्यक्तियों व एजेंसियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।जिलाधिकारी ने कहा कि जनसुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी परियोजना में मानकों की अनदेखी या लापरवाही पाए जाने पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। फिलहाल प्रशासन, पुल निर्माण निगम और रेलवे विभाग संयुक्त रूप से स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं तथा तकनीकी मूल्यांकन के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

