दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘फ्री बस’ में वसूली का आरोप, इंडिगो समेत दो कंपनियों पर 25 लाख का दावा

दिल्ली एयरपोर्ट पर निशुल्क बस सेवा के नाम पर कथित अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। बक्सर निवासी विष्णुदत्त द्विवेदी ने इंडिगो एयरलाइंस एवं दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में 25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का मुकदमा दायर किया है।

दिल्ली एयरपोर्ट पर ‘फ्री बस’ में वसूली का आरोप, इंडिगो समेत दो कंपनियों पर 25 लाख का दावा

--उपभोक्ता आयोग ने इंडिगो और दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन को जारी किया नोटिस, 30 दिन में मांगा जवाब

केटी न्यूज/बक्सर

दिल्ली एयरपोर्ट पर निशुल्क बस सेवा के नाम पर कथित अवैध वसूली और मानसिक उत्पीड़न के मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। बक्सर निवासी विष्णुदत्त द्विवेदी ने इंडिगो एयरलाइंस एवं दिल्ली ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (डीटीसी) के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में 25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति का मुकदमा दायर किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने दोनों संस्थाओं के प्रबंध निदेशक को नोटिस जारी कर 30 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।परिवादी विष्णुदत्त द्विवेदी ने बताया कि उन्होंने 16 नवंबर 2025 को अपनी पत्नी के साथ जयपुर से वाराणसी तक इंडिगो एयरवेज की कनेक्टिंग फ्लाइट बुक कराई थी।

यात्रा के दौरान पहली उड़ान जयपुर से दिल्ली और दूसरी दिल्ली से वाराणसी के लिए निर्धारित थी। एयरलाइन द्वारा दोनों फ्लाइटों का किराया एक साथ लिया गया था तथा यह आश्वासन दिया गया था कि यात्रियों का सामान सीधे वाराणसी में प्राप्त होगा।द्विवेदी के अनुसार, दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर रात करीब 12:30 बजे उतरने के बाद उन्हें टर्मिनल-3 से टर्मिनल-1 तक जाने के लिए निशुल्क बस सेवा की जानकारी दी गई। इंडिगो सहायता केंद्र से पूछताछ करने पर उन्हें पिलर नंबर 12 से बस मिलने की बात बताई गई।

आरोप है कि बस में बैठने के बाद कंडक्टर ने उनसे जबरन 25 रुपये की मांग की और पैसा नहीं देने पर बीच रास्ते में उतारने की धमकी दी।परिवादी का कहना है कि इस घटना से उन्हें और उनकी पत्नी को मानसिक प्रताड़ना एवं अपमान का सामना करना पड़ा। उन्होंने पहले दोनों पक्षों को वकालतन नोटिस भेजकर शिकायत दर्ज कराई, लेकिन आरोप है कि नोटिस लेने से भी इनकार कर दिया गया।इस मामले की सुनवाई बुधवार को जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष वेद प्रकाश सिंह एवं सदस्य राजीव सिंह की खंडपीठ ने की। आयोग ने परिवाद पत्र स्वीकार करते हुए इंडिगो और डीटीसी को नोटिस जारी कर निर्धारित अवधि में अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है।