मारपीट में बीच-बचाव करने गई वृद्धा को लगी गंभीर चोट, इलाज के दौरान मौत

मारपीट में बीच-बचाव करने गई वृद्धा को लगी गंभीर चोट, इलाज के दौरान मौत

- मां काली की पूजा के बाद शराब पीने को लेकर आपस में भिड़ गए थे दो पक्ष, धनसोई थाना क्षेत्र के स्थानीय दलित बस्ती की है घटना

- ग्रामीणों का आरोप गांव में सर्व शुलभ है शराब

केटी न्यूज/बक्सर  

मां काली की पूजा के बाद शराब पीने को लेकर एक ही समुदाय के दो पक्षों में मारपीट हो गई। इस मारपीट की घटना में बीच-बचाव करने पहुंची पड़ोस की 60 वर्षीय वृद्धा व एक अन्य वृद्ध घटना में गम्भीर रूप से घायल हो गए। जिसे आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। जहां इलाज के दौरान वृद्धा की मौत हो गई। जबकि वृद्ध अभी इलाजरत है। इस मामले में आधा दर्जन लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

जहा पुलिस कार्रवाई में नामजदों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। यह घटना धनसोइ थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार स्थित दलित बस्ती की है। मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को धनसोई थाना क्षेत्र के स्थानीय बाजार स्थित दलित बस्ती में मां काली की वार्षिक पूजा के साथ ही शायर माता की पूजा की गई थी। इसके बाद शराब पीने की बात पर मोती राम के पुत्रों व तेजू राम के पुत्र कन्हैया कुमार तथा अन्य के बीच गाली-गलौज और फिर मारपीट होने लगी। ग्रामीणों की माने तो तेजू राम का पुत्र शराब पिये हुए था। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हुआ।

इस मारपीट के बीच-बचाव करने मोती राम की वृद्ध पत्नी लवंगी देवी व दसई राम पहुंचे। जहां दूसरे पक्ष के लोगों ने मारपीट कर घायल कर दिया। जिसमें दोनों वृद्धों को गंभीर चोट लग गई। जहा दोनों घायलों को गंभीर अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल में ले जाया गया। इलाज के दौरान ही लवंगी देवी की मौत हो गई। वही, दसई राम का इलाज जारी है। थाना प्रभारी ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया दलित बस्ती के दो पक्षों के बीच मारपीट की गई थी। जिसमें एक पक्ष की एक वृद्ध महिला व एक अन्य वृद्ध बुरी तरह घायल हो गए।

दोनों का इलाज सदर अस्पताल में किया जा रहा था। जिसमें इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई है, इस घटना में प्राथमिकी दर्ज के बाद नामजद अभियुक्तों की गिरफ्तारी का प्रयास जारी है। इधर घटना के बाद से गांव में गुटीय तनाव कायम है। हालांकि, पुलिस द्वारा कैंप करने तथा आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी किए जाने से स्थिति नियंत्रण मे है।

इस घटना के बाद ग्रामीणों में शराब के सर्व शुलभ होने पर भी नाराजगी हैै। दबे जुबां ग्रामीणों की मानें तो गांव में खुुलेआम शराब की बिक्री होती है। यदि पुलिस समय रहते शराब बिक्री व तस्करी पर रोक लगाई होती है तो आज यह घटना नहीं होती।