सरेंजा के गेहूं गोदाम में 12 वर्षीय बाल मजदूर की संदिग्ध स्थिति में मौत, पर फूटा गुस्सा
राजपुर थाना क्षेत्र के सरेंजा गांव में सोमवार की सुबह एक 12 वर्षीय किशोर का शव गेहूं गोदाम के अंदर मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश भड़क उठा और सैकड़ों ग्रामीणों ने कोचस-चौसा मुख्य सड़क को जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। परिजन किशोर की हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे हैं तथा दोषियों की गिरफ्तारी, मुआवजा और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।


__ हत्या की आशंका से भड़के ग्रामीण, सड़क जाम कर एसपी को बुलाने की मांग; बाल श्रम पर भी उठे गंभीर सवाल
केटी न्यूज/बक्सर :
राजपुर थाना क्षेत्र के सरेंजा गांव में सोमवार की सुबह एक 12 वर्षीय किशोर का शव गेहूं गोदाम के अंदर मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद गांव में आक्रोश भड़क उठा और सैकड़ों ग्रामीणों ने कोचस-चौसा मुख्य सड़क को जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। परिजन किशोर की हत्या किए जाने का आरोप लगा रहे हैं तथा दोषियों की गिरफ्तारी, मुआवजा और उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं।मृतक की पहचान सरेंजा गांव निवासी बेचन चौहान के 12 वर्षीय पुत्र बगेलू के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि गांव स्थित एक गेहूं गोदाम में उसका शव संदिग्ध परिस्थिति में पड़ा मिला। यह गोदाम स्थानीय निवासी बृजमोहन राय का बताया जा रहा है, जिसे किराए पर चलाया जा रहा था।

सोमवार की सुबह जब गोदाम का मुख्य गेट खोला गया तो अंदर किशोर का शव देखकर लोगों के होश उड़ गए। देखते ही देखते घटनास्थल पर भारी भीड़ जुट गई और पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।परिजनों के अनुसार बगेलू गोदाम में मजदूरी का काम करता था। रविवार को काम के दौरान उसे हल्की चोट लगी थी। इसके बाद वह संदिग्ध हालात में लापता हो गया। सोमवार सुबह जब उसका शव मिला तो परिवार वालों का गुस्सा फूट पड़ा। परिजनों का आरोप है कि किशोर की बेरहमी से हत्या कर शव को गोदाम के अंदर फेंक दिया गया। मृतक के चेहरे और शरीर पर चोट के निशान होने की भी बात कही जा रही है, जिससे हत्या की आशंका और गहरा गई है।

घटना के बाद ग्रामीणों ने गोदाम के समीप कोचस-चौसा मुख्य मार्ग को पूरी तरह जाम कर दिया। सड़क पर टायर और बांस-बल्ला लगाकर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि मौके पर पुलिस अधीक्षक पहुंचें, मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।सूचना मिलते ही राजपुर थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास करती रही, लेकिन ग्रामीण उच्च अधिकारियों को बुलाने की मांग पर अड़े रहे। खबर लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था और दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। स्थिति को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

घटना ने एक बार फिर बाल श्रम की भयावह सच्चाई को सामने ला दिया है। महज 12 साल की उम्र में किशोर का गोदाम में मजदूरी करना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। बाल श्रम कानून के तहत कम उम्र के बच्चों से काम कराना पूरी तरह गैरकानूनी है, बावजूद इसके ग्रामीण इलाकों में अब भी बच्चे मजदूरी करने को मजबूर हैं। बगेलू की मौत ने प्रशासनिक निगरानी और श्रम कानूनों के पालन पर भी सवालिया निशान लगा दिया है।फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। हालांकि देर शाम तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है और लोग घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।

