आस्था पर वार: हनुमान मंदिर से चार दान पेटिकाएं चोरी, खेतों में टूटी मिलीं
नगर पंचायत चौसा के अखौरीपुर गोला स्थित भव्य हनुमान मंदिर में हुई चोरी की घटना ने न सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर दिया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार की देर रात अज्ञात चोर मंदिर परिसर से चार दान पेटिकाएं चुरा ले गए। चोरी के बाद चोरों ने मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित खेतों में पेटिकाओं को तोड़ दिया और नकदी लेकर फरार हो गए। शनिवार सुबह खेतों में टूटी दान पेटिकाएं मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।
— सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
केटी न्यूज/चौसा
नगर पंचायत चौसा के अखौरीपुर गोला स्थित भव्य हनुमान मंदिर में हुई चोरी की घटना ने न सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था को झकझोर दिया है, बल्कि स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शुक्रवार की देर रात अज्ञात चोर मंदिर परिसर से चार दान पेटिकाएं चुरा ले गए। चोरी के बाद चोरों ने मंदिर से कुछ दूरी पर स्थित खेतों में पेटिकाओं को तोड़ दिया और नकदी लेकर फरार हो गए। शनिवार सुबह खेतों में टूटी दान पेटिकाएं मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

यह मंदिर क्षेत्र का प्रमुख धार्मिक केंद्र माना जाता है, जहां हनुमान जी के साथ मां दुर्गा और राधे-कृष्ण की भव्य प्रतिमाएं स्थापित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन-पूजन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे मंदिर में चोरी की वारदात ने लोगों को स्तब्ध कर दिया है।मंदिर के पुजारी रामेश्वर पंडित ने बताया कि वे अपनी माताजी के श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कुछ दिनों के लिए घर गए हुए थे। इसी का फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। उन्होंने बताया कि दान पेटिकाएं पिछले कई महीनों से नहीं खोली गई थीं।

ऐसे में उनमें कितनी राशि जमा थी, इसका अनुमान लगाना मुश्किल है, लेकिन श्रद्धालुओं के अनुसार रकम काफी हो सकती है।घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मंदिर परिसर में जुट गए। लोगों में भारी आक्रोश देखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब मंदिरों को निशाना बनाया गया हो। इसके बावजूद न तो मंदिरों में पर्याप्त सुरक्षा है और न ही रात्रि गश्ती व्यवस्था प्रभावी दिखाई देती है। लोगों ने मांग की है कि मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं और नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित की जाए।

इस मामले में जब मुफस्सिल थाना से संपर्क किया गया तो पुलिस ने बताया कि अभी तक मंदिर प्रशासन की ओर से कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। हालांकि, पुलिस आसपास के इलाकों में पूछताछ कर रही है और संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है।आस्था के केंद्र पर हुई यह चोरी न सिर्फ एक आपराधिक घटना है, बल्कि समाज के लिए चेतावनी भी है कि यदि समय रहते सुरक्षा के ठोस इंतजाम नहीं किए गए, तो धार्मिक स्थलों की पवित्रता बार-बार अपराधियों के निशाने पर आती रहेगी।

