“अविनाश दत्त की कोचिंग का कमाल: समीर ने गणित में 95 प्रतिशत लाकर रचा सफलता का नया इतिहास”
बक्सर के छात्रों के लिए गर्व की बात सामने आई है, जहां दत्त क्लासेज के छात्र समीर केशरी ने आईसीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में गणित विषय में 95 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। समीर ने कुल मिलाकर 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जो उनकी मेहनत और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। इस सफलता के पीछे दत्त क्लासेज के संचालक अविनाश दत्त की भूमिका अहम मानी जा रही है, जिनकी शिक्षण पद्धति और मार्गदर्शन ने छात्र को इस मुकाम तक पहुंचाया।
__ आईसीएसई की मजबूत नींव और सही मार्गदर्शन से बक्सर के छात्र ने बढ़ाया जिले का गौरव
केटी न्यूज/बक्सर
बक्सर के छात्रों के लिए गर्व की बात सामने आई है, जहां दत्त क्लासेज के छात्र समीर केशरी ने आईसीएसई 10वीं बोर्ड परीक्षा में गणित विषय में 95 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले का नाम रोशन किया है। समीर ने कुल मिलाकर 93 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जो उनकी मेहनत और सही मार्गदर्शन का परिणाम है। इस सफलता के पीछे दत्त क्लासेज के संचालक अविनाश दत्त की भूमिका अहम मानी जा रही है, जिनकी शिक्षण पद्धति और मार्गदर्शन ने छात्र को इस मुकाम तक पहुंचाया।इस उपलब्धि के अवसर पर अविनाश दत्त ने कहा कि आईसीएसई बोर्ड का पाठ्यक्रम अन्य बोर्डों की तुलना में अधिक व्यापक और संतुलित होता है।

इसमें भाषा, रचनात्मकता और विश्लेषणात्मक सोच पर विशेष जोर दिया जाता है, जो छात्रों को सिर्फ परीक्षा तक सीमित नहीं रखता बल्कि उनके समग्र विकास में मदद करता है। उन्होंने बताया कि आईसीएसई का सिलेबस अंतरराष्ट्रीय मानकों के काफी करीब है, जिससे इस बोर्ड के छात्र विदेशी विश्वविद्यालयों और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।अविनाश दत्त ने यह भी कहा कि यदि कोई छात्र विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहता है, तो आईसीएसई बोर्ड का प्रमाणपत्र उसके लिए एक मजबूत आधार बन सकता है। यही कारण है कि इस बोर्ड के छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्राथमिकता मिलती है।

समीर केशरी ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने पिता शंकर केशरी, माता शांति केशरी, बहन सिया केशरी और अपने गुरु अविनाश दत्त को दिया है। उन्होंने बताया कि नियमित पढ़ाई, सही दिशा और शिक्षकों के सहयोग से ही यह संभव हो पाया।दत्त क्लासेज की इस उपलब्धि से न केवल संस्थान बल्कि पूरा बक्सर जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है। यह सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा बनकर सामने आई है, जो यह दिखाती है कि सही मार्गदर्शन और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।

