पीएम सूर्य घर योजना की धीमी रफ्तार पर बैंकर्स को चेताया, हर माह 100 घरों में सोलर लगाने का लक्ष्य
प्रखंड मुख्यालय स्थित सभा कक्ष में सोमवार को प्रखंड स्तरीय बैंकर्स समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बीडीओ मनोज कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, बैंक ऋण की प्रगति और लाभुकों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन को लेकर बैंक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

केटी न्यूज/राजपुर।
प्रखंड मुख्यालय स्थित सभा कक्ष में सोमवार को प्रखंड स्तरीय बैंकर्स समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बीडीओ मनोज कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, बैंक ऋण की प्रगति और लाभुकों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन को लेकर बैंक अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।बैठक में अग्रणी जिला प्रबंधक बीके पाण्डेय ने पीएम सूर्य घर योजना को प्राथमिकता देते हुए इसके व्यापक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को योजना के प्रति जागरूक कर एक महीने में कम से कम 100 घरों में सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए बैंक एवं बिजली विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही गई।

वहीं प्रधानमंत्री स्वरोजगार योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी), पीएम किसान सम्मान निधि, घर-घर केसीसी, मुद्रा लोन और हाउसिंग लोन समेत विभिन्न योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। केसीसी और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े लाभुकों को कृषि आधारित ऋण उपलब्ध कराने में तेजी लाने के लिए बैंक अधिकारियों को विशेष रूप से प्रेरित किया गया।समीक्षा के दौरान कई योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर बीडीओ मनोज कुमार ने नाराजगी जताते हुए बैंकों को लंबित मामलों का समयबद्ध तरीके से निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि लाभुकों को अनावश्यक रूप से बैंक का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि आवास योजना और शौचालय योजना की राशि यदि लाभुक के खाते में उपलब्ध है तो उसे बैंक ऋण की वसूली में नहीं काटा जाएगा। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना के प्रति जीविका दीदियों को जागरूक करने पर भी चर्चा हुई।मौके पर बीपीआरओ अभिषेक पाठक, विद्युत कनीय अभियंता अजीत गुप्ता, स्वच्छता समन्वयक रुपेश सिंह, बीएओ ऋषिकेश यादव, सीडीपीओ अनीता कुमारी सहित विभिन्न बैंकों के अधिकारी मौजूद रहे।

