शिक्षा के नवाचारों का डिजिटल आईना बना ‘बोधिका’, अगस्त अंक जारी

जिले की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे नवाचारों, शिक्षकों के रचनात्मक प्रयासों और विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को सामने लाने वाली शिक्षा विभाग की मासिक ई-पत्रिका ‘बोधिका’ का अगस्त-2026 अंक जारी किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और संपादन मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से पत्रिका का लोकार्पण किया।

शिक्षा के नवाचारों का डिजिटल आईना बना ‘बोधिका’, अगस्त अंक जारी

__ शिक्षकों के प्रयोग, विद्यार्थियों की प्रतिभा और जिले की शैक्षिक उपलब्धियों को मिला साझा मंच; डीईओ ने कहा- अच्छे प्रयासों को पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभा रही ई-पत्रिका

केटी न्यूज/बक्सर। 

जिले की शिक्षा व्यवस्था में हो रहे नवाचारों, शिक्षकों के रचनात्मक प्रयासों और विद्यार्थियों की प्रतिभाओं को सामने लाने वाली शिक्षा विभाग की मासिक ई-पत्रिका ‘बोधिका’ का अगस्त-2026 अंक जारी किया गया। शिक्षा विभाग के अधिकारियों और संपादन मंडल के सदस्यों ने संयुक्त रूप से पत्रिका का लोकार्पण किया। इस मौके पर शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्यों और नवाचारों को साझा करने के लिए डिजिटल मंच की उपयोगिता पर जोर दिया गया।जिला शिक्षा पदाधिकारी इन्द्र कुमार कर्ण ने कहा कि ‘बोधिका’ महज एक ई-पत्रिका नहीं, बल्कि जिले की शैक्षिक गतिविधियों और उपलब्धियों का दस्तावेज बनती जा रही है। इसमें शिक्षकों के अनुभव, नए प्रयोग और विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभाओं को स्थान मिलने से शिक्षा जगत में सकारात्मक संवाद को बढ़ावा मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यम से पत्रिका का प्रकाशन वर्तमान शैक्षिक जरूरतों के अनुरूप महत्वपूर्ण पहल है।जिला कार्यक्रम पदाधिकारी अनन्या ने कहा कि ‘बोधिका’ विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न पहलुओं को एक साझा मंच उपलब्ध करा रही है। शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मियों की सक्रिय भागीदारी से पत्रिका लगातार समृद्ध हो रही है। इसके माध्यम से शिक्षण-अधिगम की नई अवधारणाओं, उपयोगी संसाधनों और शैक्षिक प्रयोगों को एक-दूसरे तक पहुंचाने का अवसर मिल रहा है।अगस्त अंक में जिले की विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों के साथ समसामयिक शैक्षिक विषयों, नवाचारों, शिक्षकों के अनुभवों और विद्यार्थियों की रचनात्मक गतिविधियों को प्रमुखता दी गई है। डिजिटल शिक्षा, करियर मार्गदर्शन, रचनात्मक लेखन तथा विद्यालयी स्तर पर किए जा रहे उल्लेखनीय प्रयासों को भी इसमें जगह दी गई है।

संपादन मंडल के अनुसार, पत्रिका को अधिक उपयोगी और पाठक-केंद्रित बनाने के लिए प्रत्येक अंक में शिक्षा से जुड़े विविध विषयों को शामिल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में हो रहे अच्छे कार्यों को सामने लाने के साथ शिक्षा विभाग के अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों और अन्य हितधारकों के बीच विचार एवं अनुभवों का आदान-प्रदान बढ़ाना है।लोकार्पण के दौरान सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, रामभजन राम, विमल कुमार सिंह, मो. इमाम अली अंसारी, डॉ. मृत्युंजय राय, सुगंधा कुमारी, नूपुर, रवि प्रकाश, रवि प्रकाश गुप्ता, राजेश कुमार राय और महताब अली सहित कई शिक्षाविद एवं शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।‘बोधिका’ का अगस्त अंक बक्सर की शैक्षिक गतिविधियों को डिजिटल पहचान देने और विद्यालयों में हो रहे सकारात्मक प्रयोगों को व्यापक मंच तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आया है।