ब्राउन सुगर तस्करों ने डुमरांव अनुमंडल में बिछाया जाल, पुलिस अभियान में लगातार हो रही गिरफ्तारी ने खोली पोल

बक्सर पुलिस द्वारा दो करोड़ रुपये मूल्य की ब्राउन सुगर के साथ अंतर्राज्जीय गिरोह के दो तस्करों की गिरफ्तारी के बाद डुमरांव अनुमंडल में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस की ताजा कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि असम से जुड़े तस्करों ने डुमरांव अनुमंडल को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया है और लंबे समय से यहां नशे का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।

ब्राउन सुगर तस्करों ने डुमरांव अनुमंडल में बिछाया जाल, पुलिस अभियान में लगातार हो रही गिरफ्तारी ने खोली पोल

-- डुमरांव अनुमंडल क्षेत्र में मजबूत है मादक पदार्थों के तस्करों का नेटवर्क

-- कई थाना क्षेत्रों से लगातार बरामद होता है मादक पदार्थ, पिछले दिनों डुमरांव पुलिस ने पकड़ी थी 2.5 करोड़ रूपए मूल्य की हेरोइन

केटी न्यूज/बक्सर

बक्सर पुलिस द्वारा दो करोड़ रुपये मूल्य की ब्राउन सुगर के साथ अंतर्राज्जीय गिरोह के दो तस्करों की गिरफ्तारी के बाद डुमरांव अनुमंडल में मादक पदार्थों की तस्करी को लेकर कई अहम तथ्य सामने आए हैं। पुलिस की ताजा कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि असम से जुड़े तस्करों ने डुमरांव अनुमंडल को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया है और लंबे समय से यहां नशे का अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। नया भोजपुर थाना क्षेत्र से असम निवासी प्रेमा पंडित की गिरफ्तारी और उसके पास से भारी मात्रा में ब्राउन सुगर की बरामदगी इस बात का मजबूत प्रमाण है कि अंतर्राज्जीय तस्कर सुनियोजित तरीके से बिहार के ग्रामीण इलाकों को नशे की सप्लाई का केंद्र बना रहे हैं।

पूछताछ में यह भी स्पष्ट हुआ है कि असम से लाई गई खेप को स्थानीय नेटवर्क के जरिए अलग-अलग थाना क्षेत्रों में खपाया जाता था। डुमरांव अनुमंडल के कई थाना क्षेत्र पहले से ही मादक पदार्थों की तस्करी के हॉटस्पॉट के रूप में चिन्हित रहे हैं। हाल के दिनों में डुमरांव पुलिस ने थाना क्षेत्र के एकोनी गांव से कुख्यात हीरोइन तस्कर नारायण उपाध्याय को गिरफ्तार कर उसके घर से करीब ढाई करोड़ रुपये मूल्य की हीरोइन बरामद की थी। यह कार्रवाई उस बड़े नेटवर्क की ओर इशारा करती है, जो लंबे समय से क्षेत्र में सक्रिय है। इसके अलावा कोरान सराय थाना, ब्रह्मपुर थाना और कृष्णा ब्रह्म थाना क्षेत्र से भी समय-समय पर हीरोइन और अन्य मादक पदार्थों की खेप बरामद होती रही है। लगातार हो रही इन बरामदगियों के बावजूद तस्करी का सिलसिला पूरी तरह थम नहीं पाया है, जिससे यह आशंका गहराती जा रही है कि तस्करों के तार क्षेत्र के भीतर गहराई तक फैले हुए हैं।

पुलिस सूत्रों की मानें तो असम के कई तस्कर डुमरांव अनुमंडल के सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों को ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। यहां से मादक पदार्थों की खेप को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर स्थानीय एजेंटों के जरिए आगे भेजा जाता है। नया भोजपुर पुलिस द्वारा असम निवासी प्रेमा पंडित की गिरफ्तारी ने इसी नेटवर्क की एक कड़ी को उजागर किया है।

एसपी शुभम आर्य पहले ही यह संकेत दे चुके हैं कि गिरफ्तार तस्करों के आपराधिक इतिहास की गहन जांच की जा रही है और असम पुलिस से समन्वय स्थापित कर उनके पुराने रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। साथ ही बरामद मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स और डिजिटल डेटा के आधार पर पूरे गिरोह तक पहुंचने की कोशिश तेज कर दी गई है।

लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से यह उम्मीद जरूर जगी है कि आने वाले दिनों में डुमरांव अनुमंडल में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी के इस नेटवर्क पर बड़ा प्रहार होगा। हालांकि, जिस तरह से अलग-अलग थाना क्षेत्रों से बार-बार नशीले पदार्थों की बरामदगी हो रही है, उससे यह भी साफ है कि यह लड़ाई लंबी और चुनौतीपूर्ण है। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इस अवैध कारोबार की जड़ों तक पहुंचकर पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है, ताकि क्षेत्र को नशे के जाल से मुक्त कराया जा सके।