बाढ़-सुखाड़ से निपटने को बक्सर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, डीएम ने कहा— तैयारियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

संभावित बाढ़ एवं सुखाड़-2026 से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बक्सर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।

बाढ़-सुखाड़ से निपटने को बक्सर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, डीएम ने कहा— तैयारियों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं

_ 24 घंटे सक्रिय हुआ आपदा नियंत्रण कक्ष, 87 नावें, 54 राहत शिविर, _ एसडीआरएफ-एनडीआरएफ तैनात; 142 पंचायतों में वर्षामापी यंत्रों से होगी मॉनिटरिंग

केटी न्यूज/बक्सर।

संभावित बाढ़ एवं सुखाड़-2026 से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए बक्सर जिला प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। सोमवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षात्मक बैठक में आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी विभागों की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया कि बाढ़ मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां तय समय सीमा के भीतर हर हाल में पूरी की जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता क्षम्य नहीं होगी।बैठक में बताया गया कि जिले में आपदा प्रबंधन के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को 24 घंटे और सातों दिन सक्रिय कर दिया गया है।

मानसून के दौरान मौसम और वर्षापात की सटीक निगरानी के लिए जिले की सभी 142 पंचायतों में स्वचालित वर्षामापी यंत्र कार्यरत हैं, जिससे हर पल की स्थिति पर प्रशासन की नजर रहेगी।संभावित बाढ़ प्रभावित छह अंचलों में आवागमन बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए 87 निजी नाव मालिकों के साथ पहले ही एकरारनामा किया जा चुका है। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए जिला स्तर पर 5,684 पॉलीथीन शीट्स उपलब्ध रखी गई हैं। वहीं विस्थापित परिवारों के लिए 54 बाढ़ राहत शिविर तथा सभी मूलभूत सुविधाओं से लैस 33 सामुदायिक रसोई केंद्र चिह्नित किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए ड्राई राशन एवं फूड पैकेट की दरें निर्धारित कर संबंधित गोदाम भी चिन्हित कर दिए गए हैं।

आपदा की किसी भी स्थिति से त्वरित मुकाबले के लिए जिले में स्थायी एसडीआरएफ टीम के साथ अस्थायी एनडीआरएफ टीम की भी प्रतिनियुक्ति की गई है। बक्सर-कोईलवर गंगा तटबंध के सभी संवेदनशील एवं कटाव संभावित स्थलों पर बाढ़ पूर्व सुरक्षा कार्य पूरे कर लिए गए हैं। डीएम ने संबंधित अनुमंडल पदाधिकारियों को इन स्थलों की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया।स्वास्थ्य विभाग ने भी व्यापक तैयारी करते हुए मेडिकल टीमों का गठन कर अस्पतालों में 73 प्रकार की आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी है। वहीं पशुधन की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 11 पशु चिकित्सा शिविर, 11 मोबाइल वेटरिनरी यूनिट (एमवीयू) वाहन तथा 44 प्रकार की पशु दवाएं भंडारित की गई हैं।

बैठक में संभावित सुखाड़ की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कृषि कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए कृषि फीडरों में प्रतिदिन 14 घंटे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 20 से 22 घंटे तक निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। साथ ही सोन नहर एवं गंगा पंप नहर प्रणाली के माध्यम से अंतिम छोर तक सिंचाई का पानी पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए कहा कि आपदा के समय त्वरित राहत, बचाव और पुनर्वास कार्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। तैयारियों में किसी भी प्रकार की कोताही पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।