महावीरी झंडा महोत्सव में बक्सर शहर भक्तिमय, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

मंगलवार को बक्सर शहर में महावीरी झंडा महोत्सव पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर का माहौल भक्तिमय हो गया था और हर कोई बजरंगबली की भक्ति में लीन नजर आया। विभिन्न हनुमान मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जहां भक्तों ने प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।

महावीरी झंडा महोत्सव में बक्सर शहर भक्तिमय, शोभायात्रा में उमड़ा जनसैलाब

__ अखाड़ों के करतब और महावीरी रथ बना आकर्षण का केंद्र, सुरक्षा व्यवस्था में प्रशासन रहा मुस्तैद

केटी न्यूज/बक्सर

मंगलवार को बक्सर शहर में महावीरी झंडा महोत्सव पूरे श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर का माहौल भक्तिमय हो गया था और हर कोई बजरंगबली की भक्ति में लीन नजर आया। विभिन्न हनुमान मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं, जहां भक्तों ने प्रसाद चढ़ाकर आशीर्वाद प्राप्त किया।दोपहर बाद शहर के विभिन्न मोहल्लों से अखाड़ों की गतिविधियां तेज हो गईं। अखाड़ों में हवन, शस्त्र पूजन और ध्वज फहराने के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत हुई। इसके बाद पारंपरिक पगड़ी और सलामी की रस्म निभाई गई।

लगभग तीन बजे सभी अखाड़े श्रीचंद्र मंदिर स्थित प्रधान अखाड़ा में एकत्र हुए, जहां से महावीरी रथ के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई।शोभायात्रा में सजे-धजे रथ पर विराजमान बजरंगबली की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही। युवाओं ने सिर पर केसरिया साफा बांधकर हाथों में तलवार, भाला, लाठी और फरसा लिए जोश के साथ जयकारे लगाए। शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर अखाड़ा सदस्यों ने पारंपरिक शस्त्रों के साथ हैरतअंगेज करतब दिखाकर लोगों को रोमांचित कर दिया। गदा भांजने और वजन उठाने जैसे प्रदर्शन देर रात तक चलते रहे।गोला बाजार, थाना रोड, अदालत गेट, पीपी रोड, रामरेखा घाट, हनुमान फाटक समेत कई प्रमुख मार्गों से गुजरती शोभायात्रा को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी।

सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने बजरंगबली के दर्शन किए और प्रसाद ग्रहण किया।महोत्सव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। सभी प्रमुख स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए दोपहर बाद भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।इस दौरान एक स्थान पर डीजे संचालक को थाने में बैठाए जाने के विरोध में कुछ समय के लिए सड़क जाम की स्थिति बनी, हालांकि बाद में प्रशासन द्वारा संचालक को छोड़े जाने के बाद स्थिति सामान्य हो गई और शोभायात्रा पुनः शुरू कर दी गई।