रेल सुविधाओं में कटौती के खिलाफ डुमरांव में बिगुल, 14 जून को स्टेशन पर होगा महाधरना

रेल यात्रियों की समस्याओं और क्षेत्र से जुड़ी रेल सुविधाओं में लगातार हो रही कटौती के विरोध में रेलयात्री कल्याण समिति ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। बुधवार को समिति की बक्सर शाखा की आकस्मिक बैठक डुमरांव में शाखा अध्यक्ष डॉ. एस.के. वैद्य के प्रतिष्ठान पर आयोजित की गई, जिसमें 14 जून को डुमरांव रेलवे स्टेशन परिसर में प्रस्तावित एकदिवसीय विशाल धरना को सफल बनाने की रणनीति तय की गई।

रेल सुविधाओं में कटौती के खिलाफ डुमरांव में बिगुल, 14 जून को स्टेशन पर होगा महाधरना

__ आरा–वाराणसी मेमू बंद करने, इटाढ़ी रेलवे क्रॉसिंग बंदी और आरओबी मामले को लेकर रेल मंत्रालय तक पहुंचाई जाएगी आवाज

केटी न्यूज/डुमरांव

रेल यात्रियों की समस्याओं और क्षेत्र से जुड़ी रेल सुविधाओं में लगातार हो रही कटौती के विरोध में रेलयात्री कल्याण समिति ने आंदोलन का ऐलान कर दिया है। बुधवार को समिति की बक्सर शाखा की आकस्मिक बैठक डुमरांव में शाखा अध्यक्ष डॉ. एस.के. वैद्य के प्रतिष्ठान पर आयोजित की गई, जिसमें 14 जून को डुमरांव रेलवे स्टेशन परिसर में प्रस्तावित एकदिवसीय विशाल धरना को सफल बनाने की रणनीति तय की गई।बैठक की अध्यक्षता डॉ. एस.के. वैद्य ने की, जबकि संचालन पंकज कुमार पटेल ने किया। इस दौरान समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह भी मौजूद रहे। बैठक में रेल यात्रियों की सुविधाओं में कमी, ट्रेनों के परिचालन में कटौती तथा स्थानीय जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

समिति ने बक्सर-इटाढ़ी रेलवे ओवरब्रिज परियोजना को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए इसे भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा बताया। साथ ही इटाढ़ी रोड स्थित रेलवे क्रॉसिंग को बंद किए जाने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई। वक्ताओं ने कहा कि इस फैसले से हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समिति ने स्पष्ट किया कि इन मुद्दों को 14 जून के धरना कार्यक्रम में प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा रेल मंत्रालय और संबंधित विभागों तक जनभावनाओं को पहुंचाया जाएगा।बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने कहा कि रेलवे में एक ओर अव्यवस्थाएं और भ्रष्टाचार बढ़ रहे हैं, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं में लगातार कटौती की जा रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना काल में कई ट्रेनों को अस्थायी रूप से बंद किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें स्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया। अब आरा–वाराणसी मेमू पैसेंजर ट्रेन का परिचालन बंद किया जाना भी यात्रियों के हितों के खिलाफ कदम है।उन्होंने कहा कि क्षेत्र की रेल सुविधाओं को बचाने और यात्रियों के अधिकारों की रक्षा के लिए जनआंदोलन जरूरी हो गया है। बैठक में वैद्य एस.के. पांडेय, गोलू कुमार, मुकेश कुमार, वीरेंद्र ओझा, तौकीर आलम, मुक्तेश्वर पांडेय समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहे।