
__ जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दिए समयबद्ध और शुद्ध आंकड़े जुटाने के निर्देश, 31 अगस्त तक पूरा करना है जिला जनगणना हस्त_पुस्तिका का कार्य
केटी न्यूज/बक्सर।
जनगणना-2027 की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी कवायद तेज कर दी है। जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य पूरा होने के बाद अब जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (डीसीएचबी) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी को लेकर शनिवार को जिलाधिकारी सह प्रधान जनगणना अधिकारी साहिला की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। बैठक में अधिकारियों को गांव और शहर से जुड़े सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और अन्य सुविधाओं के आंकड़े समय पर और पूरी शुद्धता के साथ जुटाने का निर्देश दिया गया।बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के सभी प्रभारी पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी, नगरीय क्षेत्रों के प्रभारी पदाधिकारी सह नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।

इनमें सिविल सर्जन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, नजारत उप समाहर्ता, विद्युत, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण एवं पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता, जीविका के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, समेकित बाल विकास योजना की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, अग्रणी जिला बैंक प्रबंधक तथा बैंकिंग से जुड़े अधिकारी शामिल थे। सहायक समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, जिला जनगणना अधिकारी सह अपर समाहर्ता और अपर जिला जनगणना अधिकारी सह जिला सांख्यिकी पदाधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।

__ 31 अगस्त तक पूरा होगा हस्तपुस्तिका का काम
अधिकारियों को बताया गया कि जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य मई 2026 में पूरा किया जा चुका है। जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है। प्रथम चरण के बाद जिला जनगणना हस्तपुस्तिका तैयार करने का काम एक अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक पूरा किया जाना है। इसके लिए सभी प्रभार क्षेत्रों से क्षेत्रीय कर्मियों की सूची प्राप्त कर ली गई है। जनगणना निदेशालय से आए प्रशिक्षकों ने 20 से 25 जुलाई तक जिला स्तर पर संबंधित कर्मियों को प्रशिक्षण भी दिया है।

__ गांव से शहर तक की जुटेगी पूरी तस्वीर
जिला जनगणना हस्तपुस्तिका में जिले के सभी राजस्व गांवों और शहरों की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक तथा आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी दर्ज होगी। क्षेत्रीय अधिकारियों द्वारा मोबाइल अनुप्रयोग और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आंकड़े जुटाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पेयजल, संचार, सड़क, बैंकिंग, बिजली, भूमि उपयोग और कृषि उत्पादन सहित नौ प्रमुख क्षेत्रों की जानकारी संकलित की जाएगी।इसी तरह शहरी क्षेत्रों में नगर के विकास का इतिहास, जलवायु, नगरीय आधारभूत सुविधाएं, शैक्षणिक व्यवस्था, मनोरंजन एवं सांस्कृतिक सुविधाएं, उद्योग, बैंकिंग, स्वास्थ्य और मलिन बस्तियों में उपलब्ध नागरिक सुविधाओं समेत नौ प्रमुख क्षेत्रों का विवरण जुटाया जाएगा।

__ सत्यापन के बाद ही दर्ज होंगे आंकड़े
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि आंकड़ों का संकलन केवल अधिकृत स्रोतों के आधार पर ही नहीं, बल्कि मौके पर भौतिक सत्यापन के बाद किया जाए। संबंधित विभागों को 31 दिसंबर 2025 को आधार मानकर मांगी गई सूचनाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। सभी प्रभारी अधिकारियों द्वारा क्षेत्रीय कर्मियों के पहचान-पत्र एवं गोपनीय संकेतशब्द तैयार कर गांव और नगर क्षेत्रों का आवंटन भी किया जा चुका है।जिलाधिकारी ने सभी प्रभारी अधिकारियों को तत्काल काम शुरू कर इसकी सूचना देने तथा विभागीय अधिकारियों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पूरे कार्य की नियमित निगरानी और निरीक्षण किया जाए, ताकि आंकड़ों में किसी तरह की त्रुटि की गुंजाइश न रहे। जिला स्तरीय अधिकारियों को भी अपने विभाग से संबंधित आंकड़े प्राथमिकता के आधार पर समय पर उपलब्ध कराने को कहा गया, जिससे निर्धारित अवधि में जनगणना हस्तपुस्तिका का कार्य गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा हो सके।





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