अखाड़े में चौसा का परचम, दांव-पेंच में ढेर हुए बिहार-यूपी के नामी पहलवान
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर चौसा नगर एक बार फिर कुश्ती के रंग में रंगा नजर आया, जब नरबतपुर में महावीरी पूजा समिति के तत्वावधान में परंपरागत विराट दंगल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस दंगल ने न सिर्फ ग्रामीण खेल संस्कृति की जीवंत झलक पेश की, बल्कि स्थानीय पहलवानों की ताकत और तकनीक का लोहा भी मनवाया। हजारों की संख्या में जुटे दर्शकों के बीच चौसा के पहलवानों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा अखाड़ा तालियों की गूंज से भर उठा।
-- विराट दंगल में पिंटू व अरमान की जीत ने बांधा समां, हजारों दर्शकों की मौजूदगी में रोमांच चरम पर
केटी न्यूज/चौसा
बसंत पंचमी के पावन अवसर पर चौसा नगर एक बार फिर कुश्ती के रंग में रंगा नजर आया, जब नरबतपुर में महावीरी पूजा समिति के तत्वावधान में परंपरागत विराट दंगल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इस दंगल ने न सिर्फ ग्रामीण खेल संस्कृति की जीवंत झलक पेश की, बल्कि स्थानीय पहलवानों की ताकत और तकनीक का लोहा भी मनवाया। हजारों की संख्या में जुटे दर्शकों के बीच चौसा के पहलवानों ने ऐसा प्रदर्शन किया कि पूरा अखाड़ा तालियों की गूंज से भर उठा।इस विराट दंगल में बिहार और उत्तर प्रदेश के कई जिलों से आए अनुभवी और चर्चित पहलवानों ने अपने दांव-पेंच आजमाए।आजमगढ़, मऊ, बनारस, चंदौली, गाजीपुर, मुगलसराय, डीएलडब्ल्यू, कैमूर, बीएमपी पटना और दानापुर जैसे इलाकों से पहुंचे पहलवानों के बीच मुकाबले बेहद रोचक रहे।

हर कुश्ती के साथ दर्शकों का उत्साह बढ़ता गया और अखाड़े का माहौल पूरी तरह खेलमय हो गया।प्रतियोगिता में चौसा के पिंटू पहलवान और अरमान ने शानदार प्रदर्शन कर स्थानीय खेलप्रेमियों का दिल जीत लिया। दोनों पहलवानों ने अपने-अपने मुकाबलों में प्रतिद्वंद्वियों को चित कर न केवल वाहवाही बटोरी, बल्कि हजारों रुपये के इनाम भी अपने नाम किए। दंगल की सबसे चर्चित और महंगी कुश्ती पिंटू पहलवान के नाम रही, जिसमें उनका सामना उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से आए संजय पहलवान से हुआ।दस हजार रुपये की इस इनामी कुश्ती में पिंटू ने बेहतरीन रणनीति और फुर्ती का परिचय देते हुए संजय को पटखनी दे दी। इस जीत के बाद अखाड़े में मौजूद दर्शकों ने खड़े होकर तालियों से पिंटू का स्वागत किया।

पूरे आयोजन के दौरान पहलवानों की ताकत, संतुलन और कुश्ती कला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पारंपरिक ढोल-नगाड़ों और उद्घोषणा के बीच हर मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा। रेफरी की भूमिका सेना के श्रीभगवान पहलवान ने निष्पक्षता और कुशलता के साथ निभाई, जिससे प्रतियोगिता की गरिमा बनी रही।आयोजन को सफल बनाने में महावीरी पूजा समिति के दीनबंधु सिंह, संजय साधु, सतीश यादव सहित अन्य सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा। दंगल को देखने के लिए आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और अंत तक अखाड़े से जुड़े रहे। इस आयोजन ने न सिर्फ चौसा की खेल प्रतिभा को मंच दिया, बल्कि पारंपरिक कुश्ती संस्कृति को भी नई ऊर्जा प्रदान की।

