मांगों के समर्थन में नियोजित शिक्षकों की हुंकार, राज्यव्यापी आंदोलन का ऐलान
जिला नियोजित शिक्षक संघ, बक्सर के तत्वावधान में रविवार को चुरामनपुर स्थित एक निजी मैरिज हॉल में एकदिवसीय नियोजित शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में नियोजित शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी लंबित मांगों पर चर्चा की और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग करते हुए राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन का संकेत दिया।


__ बक्सर के एकदिवसीय सम्मेलन में जुटे कई जिलों के शिक्षक, 'सोना के पापा' के गीतों ने भरा जोश
केटी न्यूज/बक्सर।
जिला नियोजित शिक्षक संघ, बक्सर के तत्वावधान में रविवार को चुरामनपुर स्थित एक निजी मैरिज हॉल में एकदिवसीय नियोजित शिक्षक सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में बिहार के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में नियोजित शिक्षकों ने भाग लेकर अपनी लंबित मांगों पर चर्चा की और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग करते हुए राज्य स्तर पर व्यापक आंदोलन का संकेत दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि संजय कुमार (कैमूर) एवं विशिष्ट अतिथि सत्येंद्र कुमार उर्फ 'सोना के पापा' ने दीप प्रज्वलित कर किया। सम्मेलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष संजय उपाध्याय ने की, जबकि मंच संचालन पूर्णानंद मिश्रा ने किया।सम्मेलन में वक्ताओं ने नियोजित शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं, सेवा शर्तों, वेतन विसंगतियों एवं अन्य लंबित मांगों को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि वर्षों से लंबित मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की तो राज्यव्यापी आंदोलन को और तेज किया जाएगा।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विशिष्ट अतिथि सत्येंद्र कुमार उर्फ 'सोना के पापा' रहे। उन्होंने अपने गीतों के माध्यम से नियोजित शिक्षकों की पीड़ा, संघर्ष और अधिकारों की आवाज को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। उनके प्रस्तुतीकरण ने पूरे सभागार में उत्साह का संचार कर दिया और उपस्थित शिक्षकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका स्वागत किया।सम्मेलन में रोहतास से दिनेश शर्मा, हाफिज आलम, विकास कुमार, परमहंस प्रसाद, मोहम्मद इदरीश, गोपालगंज से प्रतिनिधियों तथा पटना से नवल किशोर सहित कई जिलों के शिक्षक नेताओं ने अपने विचार रखे।

वहीं बक्सर जिले के सभी प्रखंडों से पहुंचे शिक्षकों में शिवजी दुबे, नवनीत कुमार, नरोत्तम द्विवेदी, अखिलेश चतुर्वेदी, उपेंद्र पाठक, संजय सिंह, सुदर्शन मिश्रा, विवेक उपाध्याय, गणेश ठाकुर, महेंद्र कुमार, अवनीश कुमार पांडे, जलालुद्दीन, अनीता यादव, प्रीति कुमारी, रमा कुमारी, गिरीश पांडे, रीता त्रिवेदी, नारद मुनि राम, संतोष सिंह, श्रीमन्नारायण पासवान, शारदा रंजन, मुकेश राय, प्रशांत कुमार, कमलेश्वर चौबे, परशुराम सिंह, अजीत कुमार सिंह, रीना सिंह सहित सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे। सम्मेलन का समापन शिक्षकों की एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के संकल्प के साथ हुआ।

