चौसा के ऐतिहासिक युद्धस्थल को पर्यटन हब बनाने की उठी मांग, मंत्री को सौंपा गया विकास प्रस्ताव
इतिहास के पन्नों में दर्ज चौसा के प्रसिद्ध युद्धस्थल को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की पहल तेज हो गई है। नवगठित नगर पंचायत चौसा के चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ. मनोज कुमार यादव ने बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री से मुलाकात कर चौसा के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसके समग्र विकास की मांग उठाई।


केटी न्यूज/चौसा
इतिहास के पन्नों में दर्ज चौसा के प्रसिद्ध युद्धस्थल को राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की पहल तेज हो गई है। नवगठित नगर पंचायत चौसा के चेयरमैन प्रतिनिधि डॉ. मनोज कुमार यादव ने बिहार सरकार के पर्यटन मंत्री से मुलाकात कर चौसा के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करते हुए इसके समग्र विकास की मांग उठाई। इस दौरान उन्होंने पर्यटन मंत्री को एक विस्तृत मांगपत्र सौंपकर ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं पर्यटन सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया।डॉ. यादव ने मंत्री को बताया कि 26 जून 1539 को चौसा की धरती पर अफगान शासक शेरशाह सूरी और मुगल सम्राट हुमायूँ के बीच निर्णायक युद्ध हुआ था। इस युद्ध में शेरशाह सूरी की विजय ने भारतीय इतिहास की दिशा बदल दी थी।

उन्होंने कहा कि इतना महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल आज भी अपेक्षित विकास और संरक्षण की प्रतीक्षा कर रहा है, जबकि इसे देश-विदेश के पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।मांगपत्र में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की उस पूर्व घोषणा का भी उल्लेख किया गया, जिसमें चौसा के ऐतिहासिक युद्धस्थल के विकास, सौंदर्यीकरण और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की बात कही गई थी। डॉ. यादव ने आग्रह किया कि इस घोषणा को शीघ्र धरातल पर उतारा जाए ताकि क्षेत्र की ऐतिहासिक विरासत को नई पहचान मिल सके।उन्होंने चौसा बारे मोड़ पर भव्य शेरशाह स्वागत द्वार के निर्माण, शेरशाह गढ़ से कर्मनाशा नदी तक सड़क निर्माण, बारे मोड़ से शेरशाह गढ़ तक नाला निर्माण तथा पूरे मार्ग पर आधुनिक स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग भी रखी।

उनका कहना था कि इन आधारभूत सुविधाओं के विकसित होने से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी, स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।इस अवसर पर नगर पंचायत चौसा की चेयरमैन किरण देवी की ओर से भी पर्यटन मंत्री से ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण एवं विकास की दिशा में शीघ्र प्रभावी कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार चौसा की ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और इसे प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में जल्द सकारात्मक पहल करेगी।

