केंद्रीय विद्यालय की शैक्षणिक बेहतरी पर मंथन, सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता

केंद्रीय विद्यालय बक्सर में बुधवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 की विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने की। इस दौरान विद्यालय के शैक्षणिक विकास, विद्यार्थियों की उपलब्धियों, आधारभूत सुविधाओं और आगामी कार्ययोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

केंद्रीय विद्यालय की शैक्षणिक बेहतरी पर मंथन, सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता

__ विद्यालय प्रबंधन समिति की पहली बैठक में बोर्ड परीक्षा परिणाम की हुई समीक्षा, अस्थायी कक्ष, शौचालय और फुटपाथ निर्माण समेत कई प्रस्तावों पर चर्चा

केटी न्यूज/बक्सर। 

केंद्रीय विद्यालय बक्सर में बुधवार को शैक्षणिक सत्र 2026-27 की विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) की प्रथम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त निहारिका छवि ने की। इस दौरान विद्यालय के शैक्षणिक विकास, विद्यार्थियों की उपलब्धियों, आधारभूत सुविधाओं और आगामी कार्ययोजना से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।बैठक में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा के परिणामों की समीक्षा की गई। विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए आगामी सत्र की शैक्षणिक रणनीति एवं योजनाओं पर चर्चा हुई। समिति के सदस्यों ने विद्यार्थियों की विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें प्रोत्साहित करने तथा उनकी प्रतिभा को निखारने पर जोर दिया।

विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला-संस्कृति एवं अन्य क्षेत्रों में हासिल की गई उपलब्धियों को बैठक में विशेष रूप से रेखांकित किया गया। समिति ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई।बैठक में विद्यालय की तत्काल अवसंरचनात्मक जरूरतों और उपलब्ध स्थान के बेहतर प्रबंधन पर भी विशेष चर्चा हुई। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अस्थायी कक्षों की व्यवस्था, कर्मचारियों के लिए आवश्यक शौचालय सुविधा तथा विद्यालय के मुख्य द्वार के समीप फुटपाथ की व्यवस्था जैसे मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर उठाया गया। इन सुविधाओं के विकास से विद्यालय में विद्यार्थियों और कर्मचारियों को बेहतर एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने पर बल दिया गया।

इसके अलावा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विज्ञान शिक्षा को अधिक प्रभावी और प्रयोगात्मक बनाने पर भी चर्चा हुई। उपलब्ध विज्ञान प्रयोगशाला संसाधनों के साझा उपयोग संबंधी प्रस्ताव पर विचार किया गया, ताकि संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण व्यावहारिक एवं प्रयोगात्मक शिक्षा का अधिक अवसर मिल सके। बैठक में विद्यालय के समग्र विकास के लिए सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास करने पर जोर दिया गया।