राजस्व वसूली में सुस्ती पर डीएम सख्त, अनुपस्थित अधिकारियों से मांगा जवाब
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में राजस्व, आंतरिक संसाधन एवं परिवहन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, राजस्व वसूली, लंबित मामलों के निष्पादन तथा सरकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। कई विभागों की धीमी कार्यशैली पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।

__ बैठक में परिवहन, दाखिल-खारिज, बसेरा-2 और लंबित आवेदनों पर फटकार; एक सप्ताह में सुधार का अल्टीमेटम
केटी न्यूज/बक्सर
जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में शुक्रवार को समाहरणालय सभाकक्ष में राजस्व, आंतरिक संसाधन एवं परिवहन विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभागीय कार्यों की प्रगति, राजस्व वसूली, लंबित मामलों के निष्पादन तथा सरकारी योजनाओं की समीक्षा की गई। कई विभागों की धीमी कार्यशैली पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया।आंतरिक संसाधन समीक्षा के दौरान वनों के क्षेत्र पदाधिकारी बक्सर, कार्यपालक अभियंता विद्युत आपूर्ति प्रमंडल बक्सर तथा राष्ट्रीय बचत पदाधिकारी बिना पूर्व सूचना अनुपस्थित पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का आदेश दिया।

राजस्व वसूली की समीक्षा में सामने आया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 समाप्त होने के बाद भी सोन नहर प्रमंडल बक्सर की वसूली मात्र 75.12 प्रतिशत और सोन नहर प्रमंडल आरा की वसूली 66.58 प्रतिशत ही रही। डीएम ने निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ठोस कार्ययोजना बनाएं और वसूली अभियान तेज करें।जिला परिवहन पदाधिकारी को एमवीआई और ईएसआई कार्यों की नियमित समीक्षा कर राजस्व बढ़ाने का निर्देश दिया गया। साथ ही रोको-टोको अभियान के तहत हेलमेट, सीट बेल्ट और यातायात नियमों की सघन जांच कर जुर्माना वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया। शहर में वेडिंग जोन और पार्किंग जोन चिन्हित करने तथा गलत पार्किंग करने वालों पर दंडात्मक कार्रवाई का आदेश भी दिया गया।

अभियान बसेरा-2 की समीक्षा में भूमिहीन लाभुकों को शीघ्र पर्चा देने पर जोर दिया गया। सभी अंचलाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि पंचायत स्तर पर चल रहे कल्याण विभाग के कैंपों में विकास मित्रों के माध्यम से भूमिहीन परिवारों की पहचान कर आवेदन लिए जाएं।परिमार्जन प्लस के तहत 75 और 120 दिनों से लंबित आवेदनों को एक सप्ताह के भीतर निष्पादित करने का सख्त निर्देश दिया गया। भूमि सुधार उप समाहर्ता बक्सर और डुमरांव को बसेरा-2 व परिमार्जन प्लस के आवेदनों की पाक्षिक समीक्षा करने को कहा गया।दाखिल-खारिज मामलों में 75 व 120 दिनों से लंबित आवेदनों को शून्य करने का लक्ष्य तय किया गया। वहीं मापी से जुड़े सभी लंबित मामलों को भी एक सप्ताह के भीतर निपटाने का आदेश दिया गया।

डीएम ने सभी अंचलाधिकारियों को कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने और योजनाओं की दैनिक समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद भी राजस्व वसूली संतोषजनक नहीं है, इसलिए आमजनों को जागरूक कर वसूली में तेजी लाई जाए।तेज गर्मी की आशंका को देखते हुए जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर माइकिंग के माध्यम से लोगों को सतर्क करने का निर्देश भी दिया गया।सरकारी भूमि के दाखिल-खारिज, लैंड बैंक के लिए 5 एकड़ से अधिक एवं कम भूमि की पहचान, एमजेसी-सीडब्लूजेसी मामलों में समय पर शपथपत्र दाखिल करने तथा नीलाम पत्र वादों में बड़े बकायेदारों से राशि वसूली के लिए विशेष अभियान चलाने का आदेश भी जिलाधिकारी ने दिया।बैठक के अंत में डीएम ने स्पष्ट कहा कि लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं होगी और तय समय सीमा में परिणाम दिखना चाहिए।

