घर के द्वार पर मौत बनकर उतरा करंट, इकलौते चिराग की बुझ गई जिंदगी
जिस घर में 16 वर्षीय अंगद यादव अपने माता-पिता और बहन के साथ खुशियों के बीच जीवन के सपने बुन रहा था, शुक्रवार की शाम वहीं बिजली का करंट उसके लिए मौत बनकर उतर आया। मवेशियों को चारा देने के लिए घर के द्वार पर निकला अंगद अचानक करंट की चपेट में आकर अचेत होकर गिर पड़ा।


__ दो माह में करंट की चपेट में आने से तीन मौतों से सहमा चक्की, बिजली विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
केटी न्यूज/चक्की।
जिस घर में 16 वर्षीय अंगद यादव अपने माता-पिता और बहन के साथ खुशियों के बीच जीवन के सपने बुन रहा था, शुक्रवार की शाम वहीं बिजली का करंट उसके लिए मौत बनकर उतर आया। मवेशियों को चारा देने के लिए घर के द्वार पर निकला अंगद अचानक करंट की चपेट में आकर अचेत होकर गिर पड़ा। कुछ ही देर में परिवार का इकलौता चिराग हमेशा के लिए बुझ गया। घटना के बाद रंगी डेरा गांव में मातम पसर गया।बताया जाता है कि शुक्रवार की शाम करीब चार बजे रामजी यादव का इकलौता पुत्र अंगद घर के बाहर द्वार पर मवेशियों को चारा देने जा रहा था। इसी दौरान वह बिजली के करंट की चपेट में आ गया।

अचानक हुई घटना से परिजनों में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से परिजन उसे तत्काल चक्की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।अंगद की मौत की खबर मिलते ही घर में चीख-पुकार मच गई। बेटे को खोने के गम में माता-पिता और बहन का रो-रोकर बुरा हाल है। जिस आंगन में कुछ देर पहले तक जिंदगी की हलचल थी, वहां अब मातम पसरा है।सूचना पर चक्की थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है।

__ दो माह में तीन मौतों से सवालों के घेरे में बिजली व्यवस्था
ग्रामीणों का कहना है कि चक्की क्षेत्र में पिछले दो माह के भीतर करंट की चपेट में आने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है। कभी घर में तो कभी बधार में बिजली का करंट जानलेवा साबित हुआ है। लगातार हो रही घटनाओं के बावजूद बिजली विभाग की ओर से अब तक मुआवजे या सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कोई लिखित अथवा मौखिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों ने बिजली व्यवस्था की जांच और हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।

