गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी से दोषियों को जल्द सजा दिलाने पर जोर
समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में सोमवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जिला अभियोजन स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न न्यायालयों में लंबित अभियोजन वादों की स्थिति की गहन समीक्षा की गई।

__ अभियोजन स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक में लंबित मुकदमों की हुई समीक्षा, गवाहों की उपस्थिति और साक्ष्य संकलन में तेजी लाने का निर्देश
केटी न्यूज/बक्सर।
समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में सोमवार को जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में जिला अभियोजन स्क्रीनिंग कमिटी की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न न्यायालयों में लंबित अभियोजन वादों की स्थिति की गहन समीक्षा की गई। इस दौरान गंभीर एवं संवेदनशील आपराधिक मामलों में अभियोजन की प्रगति, न्यायालय में चल रही कार्रवाई तथा मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में विशेष रूप से पॉक्सो अधिनियम, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, एनडीपीएस अधिनियम सहित अन्य गंभीर आपराधिक मामलों की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अभियोजन पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों में प्रभावी और मजबूत पैरवी सुनिश्चित की जाए, ताकि दोषियों को कानून के तहत शीघ्र सजा दिलाई जा सके।उन्होंने कहा कि मुकदमों के त्वरित निष्पादन में गवाहों की उपस्थिति और साक्ष्यों की मजबूती महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे में गवाहों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने, आवश्यक साक्ष्यों का संकलन करने तथा न्यायालय में सभी जरूरी प्रतिवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रस्तुत करने पर विशेष ध्यान दिया जाए।जिलाधिकारी ने लंबित मामलों के निष्पादन में अनावश्यक विलंब पर भी नाराजगी जताते हुए संबंधित पदाधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि पुलिस, अभियोजन और संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल से ही गंभीर मामलों में प्रभावी पैरवी संभव है। इसलिए मामलों से जुड़े तथ्यों, साक्ष्यों और कानूनी पक्षों का समुचित अध्ययन कर न्यायालय में मजबूती से पक्ष रखा जाए।उन्होंने स्पष्ट किया कि पीड़ितों को समय पर न्याय दिलाना और गंभीर आपराधिक मामलों में दोषियों को सजा दिलाना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए अभियोजन की कार्यप्रणाली को और प्रभावी बनाने के साथ लंबित मामलों की नियमित समीक्षा भी जरूरी है।बैठक में जिला अभियोजन पदाधिकारी, जेल अधीक्षक, लोक अभियोजक, अपर लोक अभियोजक, संबंधित अभियोजन पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

