औद्योगिक सुरक्षा पर जोर: नावानगर पेप्सी प्लांट में फायर सेफ्टी का व्यावहारिक प्रशिक्षण

गर्मियों के मौसम में आगजनी की बढ़ती आशंका को देखते हुए जिले में औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार को नावानगर स्थित कोका-कोला प्लांट में व्यापक स्तर पर फायर सेफ्टी मॉकड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों और मजदूरों को आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यावहारिक रूप से तैयार करना था।

औद्योगिक सुरक्षा पर जोर: नावानगर पेप्सी प्लांट में फायर सेफ्टी का व्यावहारिक प्रशिक्षण

__ मॉकड्रिल के जरिए कर्मियों को आपदा प्रबंधन, सुरक्षित निकासी और अग्निशमन उपकरणों के उपयोग की दी गई जानकारी

केटी न्यूज/नावानगर:

गर्मियों के मौसम में आगजनी की बढ़ती आशंका को देखते हुए जिले में औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सक्रिय हो गया है। इसी क्रम में मंगलवार को नावानगर स्थित पेप्सी प्लांट में व्यापक स्तर पर फायर सेफ्टी मॉकड्रिल और प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों और मजदूरों को आपात स्थिति से निपटने के लिए व्यावहारिक रूप से तैयार करना था।कार्यक्रम का संचालन अनुमंडल अग्निशमन पदाधिकारी डुमरांव शिखा कुमारी के नेतृत्व में किया गया, जबकि यह आयोजन जिला अग्निशमन पदाधिकारी विनोद कुमार यादव के निर्देश पर संपन्न हुआ।

प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों को आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय संयम और समझदारी से काम लेने की सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि शुरुआती कुछ मिनटों में उठाया गया सही कदम बड़े नुकसान को टाल सकता है।मॉकड्रिल के दौरान अग्निशमन टीम ने प्लांट परिसर में संभावित आग की स्थिति का कृत्रिम परिदृश्य तैयार किया और कर्मियों को उसके अनुसार कार्रवाई करने का अभ्यास कराया। इस दौरान फायर एक्सटिंग्विशर, हाइड्रेंट सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों के उपयोग का लाइव प्रदर्शन किया गया।

कर्मचारियों को यह भी समझाया गया कि आग के प्रकार—जैसे इलेक्ट्रिकल, केमिकल या सामान्य आग—के अनुसार अलग-अलग उपकरणों का चयन करना क्यों जरूरी होता है।इसके अलावा, आपात स्थिति में अलार्म सिस्टम को सक्रिय करने, सुरक्षित निकासी मार्गों का उपयोग करने और घायलों को प्राथमिक उपचार देने की प्रक्रिया भी विस्तार से समझाई गई। प्रशिक्षण के दौरान इस बात पर विशेष बल दिया गया कि किसी भी संकट की घड़ी में टीमवर्क और त्वरित सूचना आदान-प्रदान बेहद अहम भूमिका निभाते हैं।शिखा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में छोटी-सी चूक भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

इसलिए सभी कर्मियों को नियमित अंतराल पर इस तरह के प्रशिक्षण में भाग लेना चाहिए और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूकता और तैयारी ही किसी भी आपदा से निपटने का सबसे प्रभावी उपाय है।कार्यक्रम के अंत में प्लांट के कर्मचारियों ने मॉकड्रिल में सक्रिय भागीदारी दिखाई और भविष्य में भी अग्नि सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संकल्प लिया। इस तरह के आयोजन न केवल कर्मचारियों का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं, बल्कि किसी भी आपात स्थिति में नुकसान को न्यूनतम करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।