खरीफ सीजन में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति पर जोर, कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश
खरीफ मौसम के दौरान किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर मंगलवार को समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी साहिला ने की।

केटी न्यूज/बक्सर
खरीफ मौसम के दौरान किसानों को उर्वरकों की पर्याप्त और समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर मंगलवार को समाहरणालय परिसर स्थित कार्यालय कक्ष में जिला स्तरीय उर्वरक निगरानी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी साहिला ने की। इस दौरान जिले में यूरिया, डीएपी एवं अन्य उर्वरकों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था तथा कालाबाजारी रोकने के उपायों की विस्तृत समीक्षा की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि खरीफ सीजन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए यूरिया एवं डीएपी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि उर्वरकों की मांग और आपूर्ति की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता के अनुसार समय पर भंडारण एवं वितरण की व्यवस्था की जाए।

जिला कृषि पदाधिकारी ने बैठक में जानकारी दी कि एक किसान अपने आधार कार्ड के माध्यम से अधिकतम 10 बैग यूरिया और 5 बैग डीएपी की खरीद कर सकता है। यदि किसी किसान को निर्धारित सीमा से अधिक उर्वरक की आवश्यकता होती है, तो संबंधित अनुमंडल कृषि पदाधिकारी द्वारा जांच एवं अनुशंसा के बाद आवश्यकतानुसार अतिरिक्त उर्वरक उपलब्ध कराया जा सकेगा।जिलाधिकारी ने जिले के बड़े रैयत वाले किसानों की प्रखंडवार सूची तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि वास्तविक जरूरत के अनुसार उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने किसानों के बीच संतुलित पोषक तत्व प्रबंधन को बढ़ावा देने पर बल देते हुए एनपीके उर्वरकों के अधिकाधिक उपयोग के लिए जागरूकता अभियान चलाने का भी निर्देश दिया।

बैठक में उर्वरकों की कालाबाजारी, जमाखोरी एवं अवैध बिक्री पर सख्ती से रोक लगाने का निर्णय लिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को उर्वरक विक्रेताओं, गोदामों एवं प्रतिष्ठानों की नियमित जांच करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।इसके अलावा उर्वरक वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और किसान हितैषी बनाने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर चर्चा की गई। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि जिले के किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

