त्यागपत्र के बाद भी आई बैठक की सूचना, बनी चर्चा का विषय
प्रखंड प्रमुख मंजू देवी एवं उप प्रमुख मजिदन खातून के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 30 मार्च को होने वाली विशेष बैठक को लेकर क्षेत्र में सरगर्मी तेज है। पंचायत समिति सदस्यों को बैठक में शामिल होने के लिए बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से सूचना पत्र भेजे गए हैं। इसी क्रम में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है।

केटी न्यूज/राजपुर
प्रखंड प्रमुख मंजू देवी एवं उप प्रमुख मजिदन खातून के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 30 मार्च को होने वाली विशेष बैठक को लेकर क्षेत्र में सरगर्मी तेज है। पंचायत समिति सदस्यों को बैठक में शामिल होने के लिए बीडीओ सह कार्यपालक पदाधिकारी की ओर से सूचना पत्र भेजे गए हैं। इसी क्रम में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने इस पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया है।बन्नी पंचायत क्षेत्र संख्या 16 की पंचायत समिति सदस्य संध्या कुमारी को भी बैठक में भाग लेने का निमंत्रण पत्र भेजा गया है, जबकि उन्होंने पिछले वर्ष 21 मई 2025 को अपने पद से त्यागपत्र दे दिया था।

जानकारी के अनुसार, उनका चयन शिक्षक पद पर होने के बाद उन्होंने स्वेच्छा से यह निर्णय लिया था और वर्तमान में वे शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं।इस स्थिति ने स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया है। लोग इसे प्रशासनिक प्रक्रिया की एक सामान्य त्रुटि के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे औपचारिकता का हिस्सा मान रहे हैं। हालांकि, इस पूरे मामले में किसी भी पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।इधर, अविश्वास प्रस्ताव को लेकर पंचायत समिति सदस्यों के बीच गतिविधियां बढ़ गई हैं।

पूर्व प्रखंड प्रमुख राधिका देवी द्वारा दिए गए प्रस्ताव के बाद से ही दोनों पक्ष अपने-अपने समर्थन को मजबूत करने में जुटे हुए हैं।संध्या कुमारी के नाम से जारी पत्र ने इस पूरे माहौल में एक अलग ही चर्चा जोड़ दी है, जिससे बैठक को लेकर लोगों की उत्सुकता और बढ़ गई है। अब सबकी नजरें 30 मार्च की बैठक पर टिकी हैं, जहां इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।इस संबंध में बक्सर सदर एसडीम अविनाश कुमार ने बताया कि उनके त्यागपत्र की जानकारी नहीं मिली थी। यह हमारे समय से भी पहले की बात है, इस मामले में जांच करवाई जा रही है कि आखिर मानवीय भूल कहां से हुई है।

