बक्सर में एलपीजी आपूर्ति पर सख्ती, कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई

जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी राज कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में गैस वितरण की स्थिति, निरीक्षण अभियान और शिकायतों के निपटारे को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई।

बक्सर में एलपीजी आपूर्ति पर सख्ती, कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई

__ 25 दिन (शहरी) और 45 दिन (ग्रामीण) बाद ही होगी नई बुकिंग, 64 हजार से अधिक शिकायतों में 543 का निपटारा

केटी न्यूज/बक्सर:

जिले में रसोई गैस (एलपीजी) की आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु और पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। जिला आपूर्ति पदाधिकारी राज कुमार की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभाकक्ष में आयोजित प्रेस वार्ता में गैस वितरण की स्थिति, निरीक्षण अभियान और शिकायतों के निपटारे को लेकर विस्तृत जानकारी दी गई।जिले में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनियों के अंतर्गत कुल 27 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं। 13 मार्च से 1 अप्रैल तक कुल 94,057 गैस सिलेंडरों का वितरण उपभोक्ताओं के बीच किया गया है। वहीं, 1 अप्रैल तक एजेंसियों के पास 6,032 सिलेंडर का भंडार उपलब्ध है।

प्रेस वार्ता में बताया गया कि जिले में प्रतिदिन औसतन 6,419 सिलेंडरों की मांग है, जबकि औसतन 5,808 सिलेंडरों की आपूर्ति हो रही है। वर्तमान में 25,846 रिफिल बुकिंग लंबित हैं, जिससे लगभग 4.4 दिन का बैकलॉग बना हुआ है।गैस वितरण व्यवस्था को व्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से प्रशासन ने नई बुकिंग के लिए समय-सीमा निर्धारित की है। शहरी क्षेत्रों में अंतिम डिलीवरी के 25 दिन बाद और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन बाद ही नया सिलेंडर बुक कराया जा सकेगा। इस व्यवस्था से अनावश्यक बुकिंग पर रोक लगेगी और जरूरतमंद उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी।जिला प्रशासन द्वारा गैस एजेंसियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की लगातार भौतिक जांच कराई जा रही है।

वरीय पदाधिकारियों, अनुमंडल पदाधिकारियों और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों की टीम कालाबाजारी और जमाखोरी पर नजर रख रही है।इसी क्रम में 21 मार्च को बक्सर सदर अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण में दो रेस्टोरेंट पहवा रेस्टोरेंट और संगम फैमिली रेस्टोरेंट के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। यहां से 24 घरेलू गैस सिलेंडर जब्त किए गए, जिनका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था।इसके अलावा 31 मार्च और 1 अप्रैल को कुल 58 गैस एजेंसियों और अन्य प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।आम उपभोक्ताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। गैस आपूर्ति से संबंधित किसी भी शिकायत या सूचना के लिए उपभोक्ता दूरभाष संख्या 06183-223333 पर संपर्क कर सकते हैं।

1 अप्रैल 2026 तक नियंत्रण कक्ष में कुल 646 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनमें से 543 का त्वरित निपटारा कर दिया गया है, जबकि शेष मामलों पर कार्रवाई जारी है।जिले में घरेलू एलपीजी कनेक्शनों की कुल संख्या 3,50,545 है। वहीं, व्यावसायिक गैस कनेक्शनों की संख्या बक्सर अनुमंडल में 1,273 और डुमरांव अनुमंडल में 960 है।प्रशासन ने चेतावनी दी है कि एलपीजी, पेट्रोलियम पदार्थों या अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की भ्रामक या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया की लगातार निगरानी की जा रही है।जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत तय अंतराल पर होम डिलीवरी के माध्यम से ही गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की जा रही है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।