मिशन मोड में बन रही फार्मर आईडी, 30 जून तक चलेंगे पंचायत स्तरीय कैंप
जिले में किसानों की सुविधा और कृषि सेवाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य मिशन मोड में तेज़ी से चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 12 मई से 30 जून तक पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित कर किसानों की यूनिक फार्मर आईडी बनाई जा रही है।


__ किसानों को घर बैठे मिलेगी बीज, खाद, मौसम और मंडी भाव की जानकारी
केटी न्यूज/बक्सर
जिले में किसानों की सुविधा और कृषि सेवाओं को डिजिटल माध्यम से जोड़ने के उद्देश्य से फार्मर रजिस्ट्री का कार्य मिशन मोड में तेज़ी से चलाया जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा 12 मई से 30 जून तक पंचायत स्तर पर विशेष कैंप आयोजित कर किसानों की यूनिक फार्मर आईडी बनाई जा रही है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य किसानों का एकीकृत डाटाबेस तैयार करना है, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं और कृषि संबंधी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सके।जानकारी के अनुसार जिले में फार्मर रजिस्ट्री कार्य के लिए कुल 367 कैंप लगाए जा रहे हैं। इन कैंपों के माध्यम से अब तक 78 हजार 83 किसानों का फार्मर आईडी बनाया जा चुका है।

प्रशासन का दावा है कि अभियान को युद्धस्तर पर चलाया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इस योजना से जोड़ा जा सके।फार्मर आईडी बनने के बाद किसानों को बीज, खाद, दवा, मौसम की जानकारी, केसीसी ऋण तथा मंडी भाव जैसी महत्वपूर्ण सूचनाएं घर बैठे मोबाइल के माध्यम से उपलब्ध हो सकेंगी। इससे किसानों को कृषि कार्य में काफी सहूलियत मिलेगी और सरकारी योजनाओं का लाभ भी पारदर्शी तरीके से सीधे किसानों तक पहुंच सकेगा।

जिला प्रशासन ने किसानों से अपील करते हुए कहा है कि वे अपने पंचायत में आयोजित कैंप में पहुंचकर फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं। इसके लिए किसानों को जमीन से संबंधित दस्तावेज, आधार कार्ड तथा कोई भी मोबाइल नंबर साथ लेकर आना अनिवार्य होगा। अधिकारियों ने बताया कि कैंप में मौजूद कर्मियों द्वारा किसानों का पंजीकरण निःशुल्क किया जा रहा है।प्रशासन का कहना है कि डिजिटल कृषि व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में यह पहल काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। किसानों की पहचान एक यूनिक आईडी के माध्यम से होने से भविष्य में कृषि योजनाओं का लाभ देने में भी आसानी होगी।

