जलवायु और शिक्षा के मुद्दों पर किसानों का दिल्ली कूच, जंतर-मंतर आंदोलन को बक्सर से मिला समर्थन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जलवायु एवं जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन को बिहार के बक्सर जिले के किसानों का भी समर्थन मिला। प्रभावित किसान मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह यादव के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पहुंचा और आंदोलन में शामिल छात्रों एवं युवाओं से मुलाकात कर उनके साथ एकजुटता व्यक्त की।


केटी न्यूज/चौसा
दिल्ली के जंतर-मंतर पर जलवायु एवं जनहित के विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन को बिहार के बक्सर जिले के किसानों का भी समर्थन मिला। प्रभावित किसान मजदूर मोर्चा के अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह यादव के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल धरना स्थल पहुंचा और आंदोलन में शामिल छात्रों एवं युवाओं से मुलाकात कर उनके साथ एकजुटता व्यक्त की।धरना स्थल पर मौजूद किसानों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। प्रतिनिधिमंडल ने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संरक्षण, शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय महत्व का विषय बताते हुए इन पर व्यापक जनभागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया।

रामप्रवेश सिंह यादव ने कहा कि किसान, छात्र और नौजवान समाज के ऐसे वर्ग हैं, जिनकी एकजुट आवाज जनहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से सरकार तक पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने जैसे विषय किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनका सीधा संबंध पूरे समाज के भविष्य से है। इसलिए इन मुद्दों पर सभी वर्गों को मिलकर आगे आने की जरूरत है।उन्होंने आंदोलन के दौरान मौजूद छात्रों और युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगों को उठाने की अपील की।

साथ ही 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में अधिक से अधिक युवाओं और छात्रों से भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस मार्च के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में सुधार, छात्रों की सुरक्षा और जनहित से जुड़े अन्य मुद्दों को सरकार के समक्ष मजबूती से रखा जाएगा।किसानों के समर्थन से आंदोलन में शामिल छात्रों और युवाओं का उत्साह बढ़ा। प्रदर्शनकारियों ने भी स्पष्ट किया कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में जारी रहेगा।

