ग्रेड-पे से लेकर पेंशन तक, 17 सूत्री मांगों पर राजस्व कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ फूंका बिगुल
राजस्व व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारी खुद को आज सबसे अधिक उपेक्षित और शोषित महसूस कर रहे हैं। बिहार राज्य राजस्व एवं भूमि सुधार कर्मचारी संघ (गोप गुट) के आह्वान पर गुरुवार को बक्सर जिला मुख्यालय स्थित बाजार समिति के गृहरक्षा वाहिनी प्रांगण में आयोजित एक दिवसीय महाधरना इसी आक्रोश की सार्वजनिक अभिव्यक्ति बन गया।
-- बिना सुविधा, बिना संसाधन 12 घंटे काम, राजस्व कर्मियों ने बताया ‘प्रशासनिक शोषण’
केटी न्यूज/बक्सर।
राजस्व व्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले कर्मचारी खुद को आज सबसे अधिक उपेक्षित और शोषित महसूस कर रहे हैं। बिहार राज्य राजस्व एवं भूमि सुधार कर्मचारी संघ (गोप गुट) के आह्वान पर गुरुवार को बक्सर जिला मुख्यालय स्थित बाजार समिति के गृहरक्षा वाहिनी प्रांगण में आयोजित एक दिवसीय महाधरना इसी आक्रोश की सार्वजनिक अभिव्यक्ति बन गया।धरने में जिले के सभी अंचलों से पहुंचे राजस्व कर्मचारियों ने सरकार की नीतियों और विभागीय रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए। जिला अध्यक्ष राहुल सिंह के नेतृत्व में कर्मचारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनसे मानवीय क्षमता से परे काम लिया जा रहा है, लेकिन बदले में न तो सम्मान मिल रहा है और न ही सुविधाएं।

-- ग्रेड-पे 1900 “जिम्मेदारी 4200 की
धरने को संबोधित करते हुए राहुल सिंह ने कहा कि राजस्व कर्मचारी जमीन से जुड़े हर संवेदनशील कार्य म्यूटेशन, जमाबंदी, सर्वे, दाखिल-खारिज, आपदा राहत की जिम्मेदारी निभा रहे हैं, लेकिन उनका ग्रेड-पे आज भी 1900 पर अटका हुआ है। संघ की मांग है कि इसे तत्काल 2800 किया जाए और स्नातक योग्यता वाले कर्मियों को 4200 ग्रेड-पे दिया जाए।उन्होंने कहा कि एक कर्मचारी, एक हल्का होना चाहिए, लेकिन हकीकत यह है कि एक कर्मी को 3 से 5 हल्का संभालना पड़ रहा है। यह प्रशासनिक लापरवाही नहीं, सीधा शोषण है।

-- सुबह 6 से शाम 6 तक ड्यूटी, छुट्टी भी ‘ड्यूटी डे’
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे बिना किसी अतिरिक्त भत्ता या संसाधन के सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक काम कराया जा रहा है। त्योहार, रविवार या अवकाश कुछ भी राहत नहीं देता। ऊपर से बायोमेट्रिक उपस्थिति, बेवजह शो-कॉज और दंडात्मक कार्रवाई ने कर्मचारियों पर मानसिक दबाव और बढ़ा दिया है।
-- 17 सूत्री मांगों में ये प्रमुख बिंदु
धरने में संघ ने कई अहम मांगों को मजबूती से रखा, जिनमें नवनियुक्त कर्मियों की गृह जिला में पदस्थापना और शीघ्र सेवा संपुष्टि, पुरानी पेंशन योजना की बहाली, ऑनलाइन कार्य के लिए सरकारी लैपटॉप, डेटा पैक क्षेत्र भ्रमण हेतु ईंधन सहित दोपहिया वाहन, 10 वर्ष की सेवा पूरी करने वालों को राजस्व अधिकारी पद पर प्रोन्नति

-- बोले कर्मी अब चुप नहीं बैठेंगे
धरने के अंत में कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी कि यदि सरकार और विभाग ने जल्द ही इन जायज मांगों पर संज्ञान नहीं लिया और उत्पीड़न बंद नहीं हुआ, तो आंदोलन को राज्यव्यापी और उग्र किया जाएगा।राजस्व कर्मियों का यह संदेश साफ है अब सवाल सिर्फ मांगों का नहीं, सम्मान और अस्तित्व का है।
