राजपुर के स्कूल में गर्मी का कहर: कक्षा शुरू होते ही 10 बच्चे बेहोश, मचा हड़कंप
राजपुर प्रखंड के कनेहरी उच्च विद्यालय में सोमवार को भीषण गर्मी और लू का असर ऐसा दिखा कि स्कूल खुलते ही करीब 10 छात्र-छात्राएं एक-एक कर बेहोश हो गए। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अचानक बच्चों के गिरने से शिक्षक, छात्र और कर्मियों में हड़कंप की स्थिति बन गई।
__ कनेहरी उच्च विद्यालय में दूसरी बार बिगड़ी छात्रों की तबीयत, अभिभावकों में आक्रोश; समय से राहत इंतजाम नहीं होने पर उठे सवाल
केटी न्यूज/राजपुर
राजपुर प्रखंड के कनेहरी उच्च विद्यालय में सोमवार को भीषण गर्मी और लू का असर ऐसा दिखा कि स्कूल खुलते ही करीब 10 छात्र-छात्राएं एक-एक कर बेहोश हो गए। घटना के बाद विद्यालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। अचानक बच्चों के गिरने से शिक्षक, छात्र और कर्मियों में हड़कंप की स्थिति बन गई।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह चेतना सत्र समाप्त होने के बाद पहली घंटी की पढ़ाई शुरू ही हुई थी कि कुछ बच्चों को चक्कर आने लगा। देखते ही देखते कई बच्चे गश खाकर जमीन पर गिर पड़े। लगातार छात्रों के बेहोश होने से स्कूल में दहशत फैल गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानाध्यापक अरबिंद कुमार सिंह ने तत्काल प्रभावित बच्चों को पंखे के नीचे लिटवाया और प्राथमिक उपचार शुरू कराया। इसके साथ ही वरीय अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही मेडिकल टीम विद्यालय पहुंची और गंभीर छात्राओं को एम्बुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। वहां उपचार के बाद सभी बच्चों की हालत सामान्य बताई गई और दोपहर बाद छुट्टी दे दी गई।घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंच गए। अपने बच्चों को इस हालत में देखकर अभिभावकों में नाराजगी साफ दिखी। उनका कहना था कि जब लगातार तापमान बढ़ रहा है तो स्कूलों में पर्याप्त पानी, पंखा, ओआरएस और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था पहले से होनी चाहिए थी।

सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह पहली घटना नहीं है। बीते शनिवार को भी इसी विद्यालय में गर्मी के कारण कुछ बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी। इसके बावजूद पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठाए गए, जिससे अभिभावकों में रोष बढ़ गया है।प्रधानाध्यापक अरबिंद कुमार सिंह ने बताया कि भीषण गर्मी के कारण बच्चों की तबीयत बिगड़ी। तत्काल राहत पहुंचाई गई है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले स्वास्थ्य विभाग से दवा और ओआरएस उपलब्ध कराने की मांग की गई थी, लेकिन अब तक सामग्री नहीं मिली है।स्थिति को देखते हुए वरीय अधिकारियों के निर्देश पर विद्यालय की छुट्टी सुबह 9 बजे ही कर दी गई। लगातार हो रही घटनाओं ने सरकारी स्कूलों में गर्मी से बचाव के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

