नया भोजपुर में प्रशासन की मानवीय पहल
नया भोजपुर में सड़क किनारे लावारिस हालत में मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला के साथ मिले करीब चार माह के गंभीर रूप से बीमार शिशु को जिला प्रशासन की त्वरित पहल से समय पर उपचार मिल सका। प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मां-बच्चे को पहले अनुमंडल अस्पताल डुमरांव और बाद में सदर अस्पताल बक्सर पहुंचाया।


__सड़क किनारे मिली मानसिक रूप से अस्वस्थ मां और बीमार शिशु, प्रशासन ने पहुंचाया अस्पताल
__ त्वरित कार्रवाई से बची चार माह के बच्चे की जान, इलाज के बाद पूरी तरह स्वस्थ; महिला के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू
केटी न्यूज/डुमरांव।
नया भोजपुर में सड़क किनारे लावारिस हालत में मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला के साथ मिले करीब चार माह के गंभीर रूप से बीमार शिशु को जिला प्रशासन की त्वरित पहल से समय पर उपचार मिल सका। प्रशासनिक एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने तत्परता दिखाते हुए मां-बच्चे को पहले अनुमंडल अस्पताल डुमरांव और बाद में सदर अस्पताल बक्सर पहुंचाया। समुचित इलाज और चिकित्सकीय निगरानी के बाद शिशु अब पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है।जानकारी के अनुसार, सोमवार की देर शाम नया भोजपुर सब्जी मंडी के समीप भ्रमण के दौरान स्थानीय लोगों की नजर एक असहाय महिला पर पड़ी। महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई गई और उसके साथ करीब चार माह का बच्चा था, जिसकी हालत काफी खराब थी। स्थानीय नागरिकों के मुताबिक महिला पिछले कई दिनों से पटना-बक्सर राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-922) और आसपास के इलाकों में खुले में रात गुजार रही थी। वह भिक्षाटन के सहारे अपना और बच्चे का गुजारा कर रही थी।

__ सूचना मिलते ही हरकत में आया प्रशासन
मामले की गंभीरता और शिशु की नाजुक हालत को देखते हुए नगर पंचायत ब्रह्मपुर के कार्यपालक पदाधिकारी ने तत्काल नगर परिषद डुमरांव के कार्यपालक पदाधिकारी को इसकी सूचना दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित कर अनुमंडल अस्पताल डुमरांव से आपातकालीन एम्बुलेंस मौके पर भेजी गई। प्रशासनिक निगरानी में दोनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।अनुमंडल अस्पताल में चिकित्सकों ने मां और बच्चे की प्राथमिक जांच एवं उपचार किया। शिशु की गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों की अनुशंसा पर दोनों को बेहतर चिकित्सा सुविधा के लिए तत्काल सदर अस्पताल बक्सर रेफर कर दिया गया। जिला प्रशासन के स्तर से भी तत्काल समन्वय स्थापित कर दोनों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।

__ इलाज के बाद स्वस्थ हुआ बच्चा
सदर अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञों की निगरानी में शिशु का समुचित उपचार शुरू किया गया। समय पर चिकित्सा सुविधा मिलने से उसके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ और अब वह पूरी तरह स्वस्थ तथा खतरे से बाहर बताया जा रहा है। वहीं, मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ उसके सुरक्षित पुनर्वास को लेकर संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक असहाय मां और उसके बच्चे को तत्काल सहारा दिया, बल्कि समय पर उपचार उपलब्ध कराकर मासूम की जान बचाने में भी अहम भूमिका निभाई।

