जच्चा बच्चा की मौत मामले में स्वजनों ने थाने में दिया लिखित आवेदन, जांच में जुटीपुलिस

डुमरांव के एक निजी अस्पताल में प्रसव के तुरंत बाद जच्चा-बच्चा की मौत का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस मामले में शनिवार को मृतका उषा देवी के पति राजेश कानू ने डुमरांव थाने में आवेदन दे निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने तथा अपने पंचायत की आशा कार्यकर्ता जानकी देवी पर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाने के बदले झांसा दे निजी अस्पताल में लेकर जाने का आरोप लगाया है।

जच्चा बच्चा की मौत मामले में स्वजनों ने थाने में दिया लिखित आवेदन, जांच में जुटीपुलिस

केटी न्यूज/डुमरांव

डुमरांव के एक निजी अस्पताल में प्रसव के तुरंत बाद जच्चा-बच्चा की मौत का मामला अब तूल पकड़ने लगा है। इस मामले में शनिवार को मृतका उषा देवी के पति राजेश कानू ने डुमरांव थाने में आवेदन दे निजी अस्पताल पर इलाज में लापरवाही बरतने तथा अपने पंचायत की आशा कार्यकर्ता जानकी देवी पर अनुमंडलीय अस्पताल ले जाने के बदले झांसा दे निजी अस्पताल में लेकर जाने का आरोप लगाया है। आवेदन मिलते ही पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि आवेदन मिला है मामले की जांच की जा रही है। वही, राजेश का कहना है कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे बल्कि इस मामले की शिकायत सिविल सर्जन, बक्सर डीएम व स्वास्थ्य मंत्री से करेंगे। थाना में आवेदन देने के बाद मीडिया के बातचीत के दौरान मृतका के स्वजनों का कहना था कि घटना के दिन डायल 112 पर फोन कर घटना की जानकारी पुलिस को दी गई थी।

गौरतलब हो कि एक जनवरी को मठिला की उषा देवी को प्रसव पीड़ा के बाद पंचायत की आशा जानकारी देवी ने झांसा दे अनुमंडलीय अस्पताल के बदले डुमरांव के एक निजी अस्पताल में लेकर चली गई, जहां प्रसव के कुछ समय बाद ही जच्चा-बच्चा की मौत हो गई थी। इसके बाद अस्पतालक एंबुलेंस बुला उन्हें सदर अस्पताल बक्सर ले जाने को कहे, जबकि अस्पताल में ही जच्चा-बच्चा की मौत हो चुकी थी।इधर घटना के बाद से अस्पताल संचालक अपना बोर्ड उखाड़ फरार हो गए है। अब देखना है कि स्वजनों द्वारा इस मामले में लिखित शिकायत देने के बाद पुलिस क्या कार्रवाई कर रही है।