उद्योग योजनाओं से बक्सर में रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, 63 लाभुकों को 5.08 करोड़ का ऋण स्वीकृत व वितरित

जिले में उद्योग एवं रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण स्वीकृति एवं वितरण शिविर का आयोजन समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में किया गया। यह शिविर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-2, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।

उद्योग योजनाओं से बक्सर में रोजगार को मिलेगी नई रफ्तार, 63 लाभुकों को 5.08 करोड़ का ऋण स्वीकृत व वितरित

-- जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ऋण स्वीकृति एवं वितरण शिविर, बैंकर्स को अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से बचने का निर्देश

केटी न्यूज/बक्सर

जिले में उद्योग एवं रोजगार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी साहिला की अध्यक्षता में उद्योग विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत ऋण स्वीकृति एवं वितरण शिविर का आयोजन समाहरणालय परिसर स्थित सभाकक्ष में किया गया। यह शिविर प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-2, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना तथा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत आयोजित किया गया।

-- सरकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने पर जोर

शिविर को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि अधिकारी एवं बैंक प्रतिनिधि यह सुनिश्चित करें कि अधिक से अधिक पात्र लोगों को सरकार की योजनाओं का लाभ मिले। इससे न केवल स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जिले में रोजगार सृजन के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे और लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। उन्होंने लाभुक उद्यमियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बक्सर जिला अपनी भौगोलिक स्थिति तथा सड़क और रेल मार्ग की बेहतर सुविधाओं के कारण उद्योग एवं व्यापार की दृष्टि से अपार संभावनाओं वाला जिला है।

-- उद्यमिता और नवाचार को मिलेगा प्रोत्साहन

जिलाधिकारी ने कहा कि सभी लोग मिलकर समेकित प्रयास करें, ताकि बक्सर जिला को उद्योग के क्षेत्र में देश के अग्रणी जिलों में शामिल किया जा सके। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने व्यवसाय के माध्यम से न केवल स्वयं आगे बढ़ें, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी रोजगार के अवसर सृजित करें और जिले व राज्य की आर्थिक एवं सामाजिक प्रगति में भागीदार बनें।उन्होंने यह भी कहा कि जिन उद्यमियों के पास कोई नया विचार या नवाचार है, वे किसी भी समय जिला उद्योग केंद्र से संपर्क कर सकते हैं और नव उद्यम प्रोत्साहन योजना का लाभ उठा सकते हैं। वर्तमान समय में शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी उद्योगों की स्थापना हो रही है, जो जिले के लिए सकारात्मक संकेत है।

-- बैंकर्स को अनावश्यक कागजी कार्रवाई से बचने का निर्देश

जिलाधिकारी ने सभी बैंक प्रतिनिधियों एवं जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक को निर्देश दिया कि उद्यमियों को अनावश्यक कागजी प्रक्रिया में परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा कि साप्ताहिक रूप से बैठक आयोजित कर उसी बैठक में उद्यमियों की समस्याओं का समाधान करते हुए ऋण स्वीकृति एवं वितरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सभी योजनाओं के अंतर्गत 15 मार्च से पूर्व शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने का भी निर्देश दिया गया।

-- योजनाओं के तहत ऋण एवं अनुदान का विवरण

जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत सेवा क्षेत्र में अधिकतम 20 लाख रुपये तथा विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस योजना में ग्रामीण क्षेत्र के लाभुकों को 25 से 35 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्र के लाभुकों को 15 से 25 प्रतिशत तक अनुदान का प्रावधान है।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम-2 के अंतर्गत उन आवेदकों को लाभ दिया जाता है, जिन्होंने पूर्व में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम या मुद्रा ऋण योजना के तहत ऋण लिया हो और कम से कम तीन वर्षों से सफलतापूर्वक इकाई का संचालन कर रहे हों। ऐसे उद्यमियों को 15 प्रतिशत अनुदान की दर से एक करोड़ रुपये तक का ऋण प्रदान किया जाता है।प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को 35 प्रतिशत की दर से अधिकतम 10 लाख रुपये तक का अनुदान दिया जाता है। इस योजना के क्रियान्वयन में बक्सर जिला वर्तमान में राज्य में प्रथम स्थान पर है।

-- विश्वकर्मा योजना से शिल्पकारों को संबल

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत नाव निर्माता, लोहार, हथियार निर्माता, मूर्तिकार, खिलौना निर्माता, माला निर्माता तथा मछली पकड़ने का जाल बनाने वाले शिल्पकारों को शामिल किया गया है। इस योजना के तहत प्रशिक्षण के साथ-साथ दो चरणों में क्रमशः एक लाख रुपये एवं दो लाख रुपये का ऋण प्रदान किया जाता है।

-- 63 लाभुकों को मिला लाभ

ऋण वितरण शिविर में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के अंतर्गत 25 लाभुकों को ऋण स्वीकृति पत्र, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के अंतर्गत 24 लाभुकों को ऋण स्वीकृति तथा 13 लाभुकों को ऋण वितरण पत्र, जबकि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत एक लाभुक को ऋण वितरण पत्र जिलाधिकारी द्वारा प्रदान किया गया। इस प्रकार कुल 63 लाभुकों को 5.08 करोड़ रुपये की राशि का ऋण स्वीकृत एवं वितरित किया गया।

-- कार्यक्रम में रहे अधिकारी व बैंक प्रतिनिधि उपस्थित

इस अवसर पर अपर समाहर्ता बक्सर, विशेष कार्य पदाधिकारी, वरीय उप समाहर्ता (बैंकिंग), उद्योग निदेशालय बिहार पटना के सहायक उद्योग निदेशक, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, अग्रणी बैंक प्रबंधक, विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक, शाखा प्रबंधक एवं योजनाओं के लाभुक उपस्थित रहे।