चौगाईं में जीविका का रोजगार सह मार्गदर्शन मेला, 256 युवाओं का प्राथमिक चयन

प्रखंड कार्यालय चौर्गाइं के समीप खेल मैदान परिसर में शुक्रवार को जीविका के तत्वावधान में रोजगार सह मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। इस मेले ने जिले के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

चौगाईं में जीविका का रोजगार सह मार्गदर्शन मेला, 256 युवाओं का प्राथमिक चयन

-- 14 कंपनियों की भागीदारी, 875 युवाओं ने कराया पंजीकरण, नियुक्ति पत्र भी वितरित

केटी न्यूज/चौगाई

प्रखंड कार्यालय चौर्गाइं के समीप खेल मैदान परिसर में शुक्रवार को जीविका के तत्वावधान में रोजगार सह मार्गदर्शन मेले का आयोजन किया गया। इस मेले ने जिले के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार का सुनहरा अवसर उपलब्ध कराया। दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के अंतर्गत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी साहिला, अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव राकेश कुमार, जिला परियोजना प्रबंधक जीविका बक्सर तथा जीविका दीदियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।

रोजगार मेले में कुल 14 प्रतिष्ठित कंपनियों के स्टाल लगाए गए। इस दौरान 875 युवाओं ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 256 युवाओं का प्राथमिक रूप से चयन किया गया। वहीं 210 युवाओं ने रोजगार के लिए ऑनलाइन पंजीकरण कराया। चयनित युवाओं को मौके पर ही नियुक्ति पत्र भी प्रदान किए गए।जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जीविका ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की मजबूत कड़ी बन चुकी है। जीविका के माध्यम से महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है, जिससे वे स्वावलंबी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं में जागरूकता बढ़ने से सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे उन तक पहुंच रहा है।

युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में जीविका का प्रयास सराहनीय है और युवाओं को इस तरह के अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत निःशुल्क प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर लेने की अपील की।अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि रोजगार मेला युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप अवसर प्रदान करने का सशक्त मंच है। एक ही स्थान पर प्रशिक्षण, रोजगार, स्वरोजगार और उद्यम से जुड़ी जानकारियां मिलना युवाओं के लिए अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने युवाओं से आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने, सवाल पूछने और मेहनत से पीछे न हटने का आह्वान किया।जिला परियोजना प्रबंधक जीविका बक्सर ने बताया कि जीविका से जुड़े परिवारों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

बेरोजगार युवक-युवतियों को कौशल विकास के माध्यम से रोजगार से जोड़ना जीविका का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि यह मेला आत्मनिर्भर बिहार और सशक्त ग्रामीण समाज की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।रोजगार प्रबंधक जीविका ने जानकारी दी कि मेले में टाटा मोटर्स, वरुण बेवरेजेज, उत्कर्ष लघु वित्त बैंक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्लिंकिट, कोका-कोला, सुरक्षा सेवा एजेंसियां, सूचना प्रौद्योगिकी एवं कौशल विकास संस्थानों सहित कुल 14 कंपनियों ने भाग लिया। जीविका के माध्यम से सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण युवा और बेटियां भी किसी से कम नहीं हैं, यह मेला उसी का प्रमाण है।