नहरों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, डीएम ने किया स्थल निरीक्षण

खरीफ फसलों की सिंचाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी साहिला ने गुरुवार को सोन नहर प्रमंडल के अंतर्गत बक्सर जिले में उपलब्ध कराए जा रहे सिंचाई जल की स्थिति का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नहरों में जलापूर्ति की उपलब्धता, रखरखाव तथा किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

नहरों में पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश, डीएम ने किया स्थल निरीक्षण

__ फसलों की सिंचाई को लेकर सोन नहर प्रमंडल की व्यवस्था का लिया जायजा, अतिक्रमण हटाने व रिसाव रोकने का दिया आदेश

केटी न्यूज/बक्सर

खरीफ फसलों की सिंचाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी साहिला ने गुरुवार को सोन नहर प्रमंडल के अंतर्गत बक्सर जिले में उपलब्ध कराए जा रहे सिंचाई जल की स्थिति का स्थल निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने नहरों में जलापूर्ति की उपलब्धता, रखरखाव तथा किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमंडल को निर्देश देते हुए कहा कि जिले में भू-जल स्तर में कमी की स्थिति को देखते हुए किसानों की सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के लिए नहरों के माध्यम से पर्याप्त जलापूर्ति सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने इस दिशा में तत्काल कार्ययोजना तैयार कर प्रभावी क्रियान्वयन करने का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने बक्सर के 11 नंबर लख से लेकर जिले की सीमा स्थित सिकरौल तक नहर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के क्रम में उन्होंने नहर में जल प्रवाह की स्थिति का अवलोकन किया और पाया कि वर्तमान में नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध है। इसके बावजूद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिले के अंतर्गत आने वाली सभी नहर शाखाओं के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि पूरे सिंचाई सत्र के दौरान किसानों को निर्बाध रूप से पानी उपलब्ध कराया जा सके।निरीक्षण के दौरान नहर के किनारे कई स्थानों पर अतिक्रमण की समस्या भी सामने आई।इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को शीघ्र अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि नहरों का अतिक्रमण जल प्रवाह को प्रभावित करता है तथा सिंचाई व्यवस्था पर प्रतिकूल असर डालता है। इसलिए इस मामले में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।इसके अलावा जिलाधिकारी ने नहरों में कचरा फेंके जाने की समस्या पर भी चिंता जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नहरों में कचरा डालने पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा पूर्व से जमा कचरे की सफाई कराई जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और अवरोधमुक्त नहरें ही बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित कर सकती हैं।निरीक्षण के दौरान सिकरौल स्थित ठोरा नदी पर बने नहर जलापूर्ति पुल से पानी के रिसाव की जानकारी भी जिलाधिकारी को मिली। इस पर उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमंडल को विभागीय उच्चाधिकारियों को सूचित करने तथा अभियंताओं की टीम के साथ स्थल का विस्तृत निरीक्षण करने का निर्देश दिया।

साथ ही रिसाव रोकने के लिए अविलंब आवश्यक तकनीकी एवं मरम्मत संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से नहरों की निगरानी करने तथा उत्पन्न होने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।निरीक्षण के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी डुमरांव, कार्यपालक अभियंता सोन नहर प्रमंडल बक्सर, कार्यपालक अभियंता गंगा पंप नहर बक्सर सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन की इस पहल से किसानों को आगामी खरीफ मौसम में बेहतर सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।