विधानसभा में गूंजा परीक्षा केंद्र का मुद्दा, 100 किमी के दायरे में केंद्र आवंटन की उठी मांग
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों की परेशानी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बक्सर सदर के विधायक आनन्द मिश्र ने सरकार का ध्यान परीक्षा केंद्रों के आवंटन की वर्तमान व्यवस्था की ओर आकर्षित करते हुए मांग की कि भविष्य में सभी प्रतियोगी एवं अन्य परीक्षाओं के केंद्र अभ्यर्थियों के गृह क्षेत्र अथवा अधिकतम 100 किलोमीटर की परिधि के भीतर निर्धारित किए जाएं।

__ बक्सर सदर विधायक आनन्द मिश्र बोले—दूरस्थ परीक्षा केंद्रों से बढ़ता है आर्थिक बोझ, छात्राओं की सुरक्षा और अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखे सरकार
केटी न्यूज/बक्सर।
बिहार विधानसभा के मानसून सत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले लाखों अभ्यर्थियों की परेशानी का मुद्दा प्रमुखता से उठा। बक्सर सदर के विधायक आनन्द मिश्र ने सरकार का ध्यान परीक्षा केंद्रों के आवंटन की वर्तमान व्यवस्था की ओर आकर्षित करते हुए मांग की कि भविष्य में सभी प्रतियोगी एवं अन्य परीक्षाओं के केंद्र अभ्यर्थियों के गृह क्षेत्र अथवा अधिकतम 100 किलोमीटर की परिधि के भीतर निर्धारित किए जाएं।सदन में प्रश्न उठाते हुए विधायक ने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के कारण बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को अपने जिले से सैकड़ों किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र आवंटित किए जाते हैं। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों को यात्रा, ठहरने और अन्य व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त खर्च वहन करना पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह बोझ और अधिक बढ़ जाता है।

उन्होंने कहा कि लंबी दूरी तय कर परीक्षा केंद्र तक पहुंचना केवल आर्थिक चुनौती ही नहीं, बल्कि समय की बर्बादी और मानसिक तनाव का भी कारण बनता है। कई बार परिवहन संबंधी कठिनाइयों के चलते अभ्यर्थी समय पर परीक्षा केंद्र नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी तैयारी पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। विधायक ने विशेष रूप से छात्राओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दूरस्थ परीक्षा केंद्रों तक अकेले यात्रा करना उनके लिए अतिरिक्त चिंता का विषय बन जाता है।आनन्द मिश्र ने सरकार से आग्रह किया कि परीक्षा केंद्र निर्धारण की नीति में आवश्यक संशोधन कर ऐसी व्यवस्था लागू की जाए, जिससे अभ्यर्थियों को उनके गृह क्षेत्र अथवा अधिकतम 100 किलोमीटर के दायरे में ही केंद्र आवंटित हो।

उनका कहना था कि इससे परीक्षार्थियों को आर्थिक राहत मिलने के साथ-साथ सुरक्षित, सुविधाजनक और तनावमुक्त वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिलेगा।विधानसभा में उठाए गए इस मुद्दे को प्रतियोगी छात्रों और अभिभावकों से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय माना जा रहा है। शिक्षा और रोजगार से संबंधित परीक्षाओं में लगातार बढ़ रही अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र उपलब्ध कराने की मांग लंबे समय से उठती रही है। ऐसे में यदि सरकार इस दिशा में सकारात्मक निर्णय लेती है तो राज्य के लाखों परीक्षार्थियों को सीधा लाभ मिल सकता है।

