ग्रामीण शिक्षा का उत्सव बना खीरी का उर्दू विद्यालय, 66वें वार्षिकोत्सव में सजे प्रतिभा के रंग

प्रखंड के खीरी गांव स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय का 66वां वार्षिकोत्सव इस बार सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा की ताकत और विरासत का उत्सव बनकर उभरा। समारोह में पूर्ववर्ती छात्रों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता ने इसे यादगार बना दिया।

ग्रामीण शिक्षा का उत्सव बना खीरी का उर्दू विद्यालय, 66वें वार्षिकोत्सव में सजे प्रतिभा के रंग

केटी न्यूज/राजपुर

प्रखंड के खीरी गांव स्थित उर्दू प्राथमिक विद्यालय का 66वां वार्षिकोत्सव इस बार सिर्फ एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीण शिक्षा की ताकत और विरासत का उत्सव बनकर उभरा। समारोह में पूर्ववर्ती छात्रों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता ने इसे यादगार बना दिया।कार्यक्रम का उद्घाटन बक्सर नगर परिषद अध्यक्ष कमरून निशा, शिक्षक संघ अध्यक्ष राम अवतार पाण्डेय और पूर्व मुखिया कमलेश सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। अध्यक्षता सेवा निवृत एडीएम मुस्ताक अंसारी और प्रधानाध्यापक धनंजय मिश्र ने की, जबकि संचालन अखिलेश पाण्डेय ने किया।

मुख्य अतिथि कमरून निशा ने विद्यालय को अपनी शिक्षा की कर्मभूमि बताते हुए कहा कि इस संस्थान की पहचान यहां के समर्पित शिक्षकों से है। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी के बावजूद यह विद्यालय शिक्षा की लौ जलाए हुए है।कार्यक्रम में पूर्ववर्ती छात्र ने भावुक स्मृतियां साझा करते हुए बताया कि कभी खपरैलनुमा भवन में पढ़ाई होती थी, लेकिन आज विद्यालय नई पहचान के साथ आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बच्चों से नियमित उपस्थिति और मेहनत का आह्वान किया।मुखिया अनिल सिंह ने इसे सरकारी विद्यालयों के लिए प्रेरणादायक पहल बताया।

वहीं पूर्व मुखिया मकरध्वज सिंह ‘विद्रोही’ ने खीरी के ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए शिक्षा को सामाजिक जागरूकता का आधार बताया।सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में चार चांद लगा दिए। छात्राओं आइशा खातून, नाज प्रवीन और करीना कुमारी ने राष्ट्रगान प्रस्तुत किया, जबकि अन्य बच्चों ने बिहार गीत, कव्वाली और रिकॉर्डेड प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।समारोह के अंत में प्रतिभाशाली छात्रों को ट्रॉफी और मेडल देकर सम्मानित किया गया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि यह आयोजन शिक्षा के प्रति नई चेतना का संदेश देता है।