कुशलपुर खूनी संघर्ष मामला: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, दोनों पक्षों के 11 आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए
डुमरांव थाना क्षेत्र के कुशलपुर गांव में महज एक कट्ठा जमीन के विवाद को लेकर हुई खूनी मारपीट के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

__ एक कट्ठा जमीन के विवाद में दर्ज हुई दोनों ओर से एफआईआर, अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच जारी, गांव में दूसरे दिन भी घटना बनी चर्चा का विषय
केटी न्यूज/डुमरांव।
डुमरांव थाना क्षेत्र के कुशलपुर गांव में महज एक कट्ठा जमीन के विवाद को लेकर हुई खूनी मारपीट के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। घटना को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दोनों पक्षों के कुल 11 आरोपितों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, दोनों पक्षों की ओर से प्राप्त आवेदन के आधार पर अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है और उनके विरुद्ध भी जल्द कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस के अनुसार न्यायिक हिरासत में भेजे गए आरोपितों में एक पक्ष के तारकेश्वर यादव, रामबदन यादव, भृगुनाथ यादव, भगवान दास, रामायण सिंह तथा उपेंद्र सिंह शामिल हैं।

वहीं दूसरे पक्ष से त्रिभुवन यादव, अशोक यादव, बालदेव यादव, हरेराम यादव, विकास सिंह तथा गोरख यादव को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि पुलिस ने इस मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है। दोनों पक्षों के आवेदन पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे घटनाक्रम की हर पहलू से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मारपीट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी और क्षेत्र में शांति व्यवस्था भंग करने वालों के साथ सख्ती से निपटा जाएगा।

उधर, एक कट्ठा जमीन के लिए हुए इस खूनी संघर्ष की चर्चा दूसरे दिन भी पूरे कुशलपुर गांव में होती रही। गांव के चौक-चौराहों से लेकर गलियों तक लोग घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं करते नजर आए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से चले आ रहे जमीन विवाद ने जिस तरह हिंसक रूप लिया, उसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस गांव की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है ताकि किसी प्रकार की पुनरावृत्ति न हो सके।

