छह माह से ठंडे बस्ते में जमीन कब्जा व रंगदारी केस, पुलिस की निष्क्रियता पर उठे तीखे सवाल

इटाढ़ी रोड स्थित लालगंज मौजा में जमीन विवाद और 50 लाख रुपये की कथित रंगदारी मांग से जुड़ा मामला अब पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया है। पीड़ित पत्रकार आलोक कुमार के आवेदन पर लालगंज निवासी सुदामा सिंह व उनके पुत्रों रंजीत कुमार, संजय कुमार और सुशील कुमार के खिलाफ मुफस्सिल थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि खाता संख्या 141, प्लॉट संख्या 26 की जमीन को लेकर जबरन कब्जे की कोशिश की गई और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।

छह माह से ठंडे बस्ते में जमीन कब्जा व रंगदारी केस, पुलिस की निष्क्रियता पर उठे तीखे सवाल

केटी न्यूज/बक्सर

इटाढ़ी रोड स्थित लालगंज मौजा में जमीन विवाद और 50 लाख रुपये की कथित रंगदारी मांग से जुड़ा मामला अब पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न बन गया है। पीड़ित पत्रकार आलोक कुमार के आवेदन पर लालगंज निवासी सुदामा सिंह व उनके पुत्रों रंजीत कुमार, संजय कुमार और सुशील कुमार के खिलाफ मुफस्सिल थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। आरोप है कि खाता संख्या 141, प्लॉट संख्या 26 की जमीन को लेकर जबरन कब्जे की कोशिश की गई और विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दी गई।एफआईआर दर्ज हुए करीब छह माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक किसी ठोस कार्रवाई के अभाव ने पूरे मामले को संदेह के घेरे में ला दिया है।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि भूमि सुधार उप समाहर्ता न्यायालय के आदेश की भी अवहेलना की गई, फिर भी प्रशासनिक स्तर पर सख्ती नहीं दिखी।सूत्रों के अनुसार, आरोपित पक्ष पर पूर्व से भी आपराधिक मामले दर्ज हैं। इसके बावजूद कार्रवाई में देरी से स्थानीय लोगों में यह चर्चा तेज है कि क्या प्रभावशाली लोगों के सामने कानून बेअसर हो रहा है।मामला अब सिर्फ जमीन विवाद तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह कानून-व्यवस्था और पुलिस की जवाबदेही का मुद्दा बनता जा रहा है। निगाहें अब बक्सर पुलिस पर टिकी हैं कि वह लंबित कार्रवाई को आगे बढ़ाकर पीड़ित को न्याय दिलाने की दिशा में कब निर्णायक कदम उठाती है।